Vikrant Tongad- पक्षियों को नया आवास दे रहे विक्रांत तोंगड़

हम हर दिन अपने घरों में पक्षियों को देखते हैं लेकिन वो पक्षी कहां रहते हैं यह कोई नहीं जानता, मगर इतना सब जानते होंगे कि, धीरे-धीरे धरती पर जंगल खत्म होने की कगार पर हैं। और जगह-जगह हम जो पेड़ लगाते हैं उनपर पक्षी रह नहीं पाते। क्योंकि, चाहें हम कितने ही पेड़ क्यों ना लगा लें, जिस तरह हमें रहने के लिए एक घर की जरूरत होती हैं उसी तरह उनको भी रहने के लिए एक घने जंगल की जरूरत होती है।

हालांकि, पेड़-पौधों के लगातार कटने के चलते पक्षी अपने घरों से दिनों-दिन बेसहारा होते जा रहे हैं, और अब इन्हीं बेसहारा पक्षियों के लिए सहारा बनकर आए हैं, नोएडा के रहने वाले विक्रांत तोंगड़। जो अपनी एक संस्था और कुछ लोगों के साथ मिलकर सूरजपुर वेटलैंड के आसपास पेड़ों को कटने से परेशान पक्षियों के लिए घोंसले तैयार कर रहे हैं और ये वही घोसलें हैं जिनमें पक्षी रहते हैं, और इन घोसलों को पक्षी खुद समान इक्कट्टा करके जंगल में लगें पेड़ पर बनाते हैं।

Vikrant Tongad- अब तक 100 से ज्यादा घोंसले बना चुके हैं विक्रांत

हालांकि, अब पेड़-पौधों के ना होने से पक्षी अपने घोसलें कहीं भी बनाने लगे हैं, फिर चाहे वो किसी के घर की बालकनी हो या छज्जा, जिसके चलते लोगों को इनसे कई बार परेशानी भी होने लगती है। तो बस विक्रांत और उनकी कुछ साथी निकल पड़े इन्ही पक्षियों के लिए घोसलें बनाने में। विक्रांत तोंगड़ ने अपनी इस मुहीम को वर्ल्ड हाउस मेकिंग नाम दिया है, जिसके तहत वो अब तक 100 से अधिक घोंसले बनाकर जंगल एरिया में पक्षियों को जगह दे चुके हैं।

विक्रांत तोंगड़ ने बताया कि आज जहां प्रदूषण से वातावरण खराब हो रहा है, वहीं जंगली इलाकों में बड़ी-बड़ी इमारतें नजर आ रही हैं। ऐसे में पेड़-पौधों के कटने से न सिर्फ परिंदों के लिए जगह खत्म हो रही है, बल्कि उनकी जान भी खतरे में है। उन्होंने बताया कि सोशल ऐक्शन फॉर फॉरेस्ट एंड इन्वाइरन्मेंट के माध्यम से नेचर वॉक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में आईटी, बैंक आदि सेक्टरों के युवा काफी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं। और इसी नेचर वॉक का एक हिस्सा वर्ल्ड हाउस मेकिंग भी है।

Vikrant Tongad- पक्षियों को नया आशियाना दिला रही ये मुहिम

उन्होंने बताया कि वर्ल्ड हाउस मेकिंग अभियान के तहत उनकी संस्था लोगों को एकजुट कर उन्हें सूरजपुर वेटलैंड में घुमाते हैं। इस दौरान पक्षियों के लिए घास-फूस का आशियाना बनाकर वेटलैंड में टांगते हैं। कुछ लोग अपने ऐसे घोंसले अपने घर पर भी लगा रहे हैं, जिससे पक्षियों को आशियाना मिल सके। वे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को जागरूक कर उन्हें पक्षियों के लिए हाउस मेकिंग कार्य से जोड़ रहे हैं। वे सूरजपुर वेटलैंड में जगह-जगह करीब 100 से ज्यादा घोंसले लगा चुके हैं।

साथ ही, लोगों को घोंसले बनाकर अपने घरों में टांगने की अपील भी कर रहे हैं। ऐसा करने से शायद अपको खुशी भी होगी और एक बेसहारा पक्षी को उसके रहने के लिए घर भी मिल पाएगा। जरुरी नही है कि आप किसी संस्था से जुड़े बिना जुड़े भी आप उन्हें घर दे सकते हैं।

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