Tree Ambulance – पेड़-पौधों की देखभाल कर रही ये अनोखी एंबुलेंस

आज तक आपने एंबुलेंस की जरूरत या तो इंसानों के लिए सुनी होगी, या फिर जानवरों के लिए.. खैर इनके अलावा कुछ और ऐसा है भी कहां जिनकी मदद के लिए एंबुलेंस को बुलाया जाए.. लेकिन जनाब यहां हम थोड़े से गलत हो सकते हैं। क्योंकि, हाल ही में चेन्नई में एक ट्री एंबुलेंस को लांच किया गया है, जो खास-तौर पर पेड़ों को बचाने के लिए बनाई गई है।

अभी कुछ वक्त पहले ही तमिलनाडु के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अंतर्राष्ट्रीय विविधता दिवस के मौके पर इस ट्री एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है, और ये पहल पेड़ों को बचाने के लिए की गई है। दोस्तों अगर बात करें, पौधारोपड़ की, पेड़ों को कटने से बचाने की, तो ये कोई नई पहल नहीं है, लेकिन हर दिन होते क्लाइमेट चेंजेज को देखते हुए इस क्षेत्र में की गई कोई भी पहल चाहें वो बड़ी हो या तिनके भर छोटी, लेकिन बहुत मायने रखती है। और ट्री एंबुलेंस खुद-ब-खुद में ही एक खास पहल है।

आपको बता दें कि, ये एंबुलेंस शहर में Specialists को लेकर घूम रही है और जगह-जगह टूट चुके पेड़ों को फिर से स्थापित कर रही है। इस ट्री एंबुलेंस का उद्देश्य पेड़ों की देखभाल करना, पौधारोपण में मदद करना, पेड़ों को एक जगह से हटाकर दूसरी जगह लगाने के साथ-साथ शहर के वातावरण को साफ और हरा-भरा बनाना है। इस एंबुलेंस की स्थापना के. अब्दुल गनी और सुरेश ने सासा ग्रुप की मदद से की गई है।

Tree Ambulance – बुंदेलखंड में पिछले एक साल से चल रही है ट्री एंबुलेंस

Tree Ambulance,Plantation

हालांकि, ऐसी ही एक पहल पिछले साल जुलाई के महीने में बुंदेलखंड के छतरपुर जिले में भी की गई थी जहां संगम सेवालय नाम के एक निजी संगठन के प्रमुख विपिन अवस्थी ने ट्री एंबुलेंस नाम की पहल को अंजाम तक पहुंचाया था और अब चेन्नई में भी ट्री एंबुलेंस अपने सफर पर निकल चुकी है।

तो वहीं एक रिसर्च की मानें तो, भारत में वन क्षेत्र 21 प्रतिशत है जबकि, वैश्विक मानक 33.3 प्रतिशत का है। विश्व संसाधन संस्थान की एक रिपोर्ट के अनुसार, हमारे देश में साल 2001 से 2018 के बीच 1.6 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में पेड़ो की कमी हुई है यानि की देश में पेड़ों की संख्या बढ़ने की बजाय दिन पर दिन कम होती चली जा रही है।

Tree Ambulance – पौधारोपण कर हम भी बढ़ा सकते हैं एक कदम कल की तरफ

Tree Ambulance,Plantation

आज के दौर में हम अपने आराम और अपनी सुविधाओं के लिए अंधे होकर पेड़ पौधों को काटने में जुटे हुए है और तो और वातावरण को प्रदूषित करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ते, लेकिन इन सबके बीच हम ये भूल जाते हैं कि, जैसी करनी वैसी भरनी। आज हम जिन पेड़ों की सांसे उनसे छीन रहे हैं कल उनका ना होना हमारी भी सांसो को हमेशा के लिए रोक सकता है। तो जैसे ट्री एंबुलेंस ने हमारे कल के लिए एक पहल की हैं वैसे ही अपने घरों में पौधे लगाकर एक कदम आप और हम भी बढ़ा सकते है। एक कदम हमारे कल की तरफ.. पेड़ लगाकर पौधारोपण करके हमारे आने वाले भविष्य को हम साफ और स्वच्छ बना सकते हैं।

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