मैं न तो गम बाँट सकता हूँ, न दर्द समझ सकता हूँ… न जानें क्या हो गया है, इस मुल्क को अब तो दोष भी मज़हब देखकर मढ़ते हैं. क्योकिं कभी वो हत्यारा मज़हबी किताब का होता है तो कभी वो हत्यारा हिंदू समुदाय का होता है मगर इन सबके […]