जैसे एक सिक्के के दो पहलू होते है। वैसे ही हमारे समाज के भी दो चेहरे है। जो सबको दिखाई तो जरूर देते है। लेकिन उनमें से बात हमेशा साफ और अच्छे चेहरे की की जाती है। बात देश के आर्थिक विकास की हो या फिर मानसिक विकास की, हर […]

रीति रिवाज, पंरपरा, किस्सा, कहानी और न जानें कितना कुछ….शायद हमारा भारत ही एक ऐसा देश है जो आज भी आस्थाओं से लेकर रीति रिवाज़ों और परंपराओं के बंधन में इस तरह घिरा हुआ है कि मानों यही सब कुछ है….तभी तो हमारी मां समान नदियां, किसी गंदे नाले जैसी […]