नक्सल, नक्सलवादी, नक्सलिज्म जब भी इन शब्दों का जिक्र कहीं भी होता है तो हमारी आंखों के सामने खून से सनी लाश, गोला-बारूद, कंधे पर बंदूक टांगे लोग आ जाते हैं. हो भी क्यों न, आज के इतने साल बाद भी हमने यही देखा है. आजादी के आज इतने साल […]