कोरोना वायरस की भयावहता से आज शायद ही कोई इंसान अंजान हो, पिछले महज़ एक महीने में पूरे देश ने इस महामारी का वो दौर देखा है. जो शायद ही आने वाली हमारी पीढ़ियां देख पाएं. अक्सर हमारे दादा दादी या फिर गाँव के बड़े बुजुर्ग हमें पहले के समय […]

कहते हैं, नियती का लिखा कोई टाल नहीं सकता.. क्योंकि जो कुछ लिखा जा चुका है। उसे टाल पाना इंसान के बस की बात नहीं है। खैर ये हमारी पुरानी उन परंपराओं में कही गई, एक ऐसी कड़वी सच्चाई है. जो हमको मालूम होने के बावजूद भी हम कभी इससे […]