कम पानी में धान की खेती करके देशभर के किसानों के लिए मिसाल है S Vishwanath

पिछले कुछ सालों से जिस तरह दुनिया पानी की किल्लत का सामना कर रही है। उससे ये साफ जाहिर होता है कि, आने वाले कुछ सालों में ये परिस्थितियां और भी ज्यादा बद्तर होने वाली है। हालांकि, बात अगर अपने देश की करें, तो हर छोटी से बड़ी संस्था लोगों में पानी की कमी के प्रति जागरूकता फैलाने के काम में लगी हुई है। तो वहीं राज्यों से लेकर केंद्र सरकार भी अपने-अपने स्तर पर पानी के बचाव के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही हैं।

कई राज्य सरकारों ने तो पानी की किल्लत को कम करने के लिए धान की खेती पर रोक लगाने का फैसला लिया है जिसमें हरियाणा सरकार का नाम सबसे आगे है। दरअसल, धान की खेती में बाकी फसलों की अपेक्षा ज्यादा पानी का इस्तेमाल किया जाता है, जिसके चलते राज्य सरकार धान की खेती की जगह किसानों को मक्का की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। ताकि, पानी की किल्लत से बचा जा सके। ऐसे में सरकार ने धान की खेती ना करने वाले किसानों को 7 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन राशि देने का भी ऐलान किया है।

तो वहीं इसको लेकर किसानों का कुछ और ही नजरिया है, उनका कहना है कि, धान सीजन की सबसे जरूरी फसल है। जिसकी खेती करना उनके लिए काफी जरूरी है। ऐसे में कई किसान संगठन सरकार के इस फैसले के खिलाफ आंदोलन तक कर चुके हैं। उनके मुताबिक या तो उनको धान की खेती करने की इजाजत दे दी जाए या फिर प्रोत्साहन राशि को 7 हजार प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 25 हजार प्रति हेक्टेयर कर दिया जाए।

S Vishwanath
S Vishwanath-Who in Inspiration to paddy farmers

Vishwanathan S 100 स्क्वायर फीट में करते है 100 किलो चावल का उत्पादन

इन सभी बातों से एक बात तो साफ जाहिर है कि, जिस तरह इंसान के लिए गर्मी में पानी जरूरी है उसी तरह किसानों के लिए खरीफ सीजन में धान की खेती। ऐसे में इन सबके बीच बेंगलुरू के एक किसान ने कम पानी में धान की खेती करके देशभर के किसानों के लिए मिसाल पेश की है। आपको बता दें कि, बेंगलुरू के रहने वाले S Vishwanath अपनी 100 स्क्वायर फिट की छत पर खेती करते हैं। जिसपर वो 100 किलो से भी ज्यादा चावल का उत्पादन करते हैं।

S Vishwanath जिस तरह की खेती करते हैं, उसकी सबसे खास बात ये है कि, वो इस खेती में केवल उतने ही पानी का इस्तेमाल करते हैं जितना उनके नहाने और कपड़े धोने के बाद बचता है। द बेटर इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, S Vishwanath ना सिर्फ पानी की बचत करके धान की खेती कर रहे हैं। बल्कि, उन्होंने अपने घर को भी बिल्कुल पर्यावरण के अनुकुल बना रखा है। और इतना ही नहीं, उनके घर में हर साल करीब 1 लाख लीटर बारिश का पानी इकट्ठा होता है। जिसका इस्तेमाल को अपने घर के सभी कामों से लेकर पीने के लिए भी करते हैं।

S Vishwanath कम बिजली और कम पानी में ही बीताते हैं खुशहाल जिंदगी  

इसके अलावा सबसे खास बात ये हैं कि, उनके घर का डिजाइन भी ऐसा है जहां प्राकृतिक हवा और सूरज की रोशनी पूर्ण तरीके से मिलती है। ऐसे में ना तो उन्हें किसी पंखे और एसी की जरूरत पड़ती है, और ना ही ज्यादा बिजली की। बता दें कि, S Vishwanath अपने स्क्वायर फीट की छत पर चावल और सब्जियां उगाते हैं। साथ ही, वो खाद बनाने के काम से लेकर सौर ऊर्जा तक का इस्तेमाल छत पर ही करते हैं।

आपको बता दें कि, वो साल भर में तीन तरह की किस्म के चावल का उत्पादन करते हैं। जो कि, वाकई में काबिले तारीफ है। जहां आज भी हमारे देश में लाखों किसान पारंपरिक खेती की तरफ भाग रहे हैं। ज्यादा पानी से धान की खेती कर रहे हैं। ऐसे में विश्वनाथ उन सभी किसानों के लिए एक मिसाल की तरह उभर कर सामने आए हैं। औऱ ना सिर्फ किसानों के लिए बल्कि हर उस इंसान के लिए जो ज्यादा से ज्यादा संशाधनों के बावजूद भी कुछ नहीं कर पाते। खैर, S Vishwanath के इस काम की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है।

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