‘No One Cares’ डिप्रेशन से जंग लड़ने का आसान तरीका

सोशल मीडिया पर कब क्या ट्रेंड कर जाए, किसी को कुछ मालूम नहीं न जानें कितने ऐसे हैं, जो रातों रात हिट हो जाते हैं. लेकिन उसके बाद कहां चले गए मालूम नहीं चलता. आज भागती दौड़ती जिंदगी में हर इंसान के पास सोशल मीडिया से लेकर हर चीज की टेंशन है. हर इंसान सोशल मीडिया पर अपने आप को हिट करने के लिए यू-ट्यूब, फेसबुक, टिक-टॉक से लेकर इंस्टा में लगे रहते हैं. यहां तक की बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो अपनी निजी जिंदगी इतने परेशान होते हैं की वो डिप्रेशन में चले जाते हैं यहां तक की वो उनके दिमाग में आत्महत्या तक के ख्यालात आते रहते हैं. लेकिन अगर आप ऐसे कुछ भी सोचते हैं तो शायद आप सबसे गलत सोचते हैं. इसी सोच को गलत साबित कर रहे हैं दो लड़के जिनकी पढ़ाई में तो दिलचस्पी नहीं थी. लेकिन आज वो दोनों दूसरे लोगों की सोच जरूर बदल रहे हैं.

पुणे के रहने वाले निखिल और इंदौर के सत्यम शास्त्री, जो आज फेसबुक पर ‘No One Cares’  के नाम से फेसबुक पेज चला रहे हैं. हालांकि आप सोच रहे होंगे की निखिल पुणे के और सत्यम इंदौर के कैसे..? तो चलिए हम आपको बता देते हैं. इसकी शुरुआत करते हैं निखिल से.

पुणे में निखिल काले के पिता वकील हैं और मां गृहणी, स्कूल की पढ़ाई खत्म करने के बाद निखिल कॉलेज तो गए लेकिन उन्होंने अभी ग्रेजुएशन पूरा नहीं किया. क्योंकि उनका पूरा वक्त सोशल मीडिया में ही निकल जाता है. इस दौरान ऑनलाइन ही उनकी मुलाकात सत्यम शास्त्री से हुई जो इंदौर में रहते हैं. उनका हाल भी निखिल की तरह था. क्योंकि सत्यम के पिता एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं और मां गृहणी. पढ़ाई करना सत्यम के लिए नामुमकिन हो गया था. दोनों के घरवाले अपने बच्चों की सोशल मीडिया की इस लत से परेशान रहते थे.

हालांकि ये दोनों तो साथ मिलकर एक अलग ही कहानी लिख रहे थे. जिससे दोनों ने देश-दुनिया में अपनी पहचान बना ली, आज के समय में सत्यम और निखिल ‘No One Cares’ के नाम से फेसबुक पेज चलाते हैं. इस पेज के सहारे वे डिप्रेशन, एंग्जायटी और आत्महत्या के ख्याल से जूझ रहे लोगों को सहारा देते हैं.

मोटिवेशन कॉन्टेंट से जिंदगी जीने की तमन्ना देता ‘No One Cares’ 

पेज पर मोटिवेशन कॉन्टेंट और जिंदगी की जंग जारी रहने की हिम्मते देते इस पर आज के समय में लगभग 27 मिलियन से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं. हालांकि शुरुवाती समय में दोनों ने सिर्फ 15 हजार रुपए में इस पेज का पेड-प्रमोशन शुरू किया था. इसके कुछ ही दिन में इनके कई लाख फॉलोअर हो गए. हालांकि, जब उनके पास पैसे खत्म हो गए तब उन्हें लगा कि ये कहानी यहीं खत्म हो जाएगी. हालांकि ऐसा हुआ नहीं. उस वक्त उन्हें एहसास हुआ की उनके पेज का कॉन्टेंट किस हद तक फेमस हो चुका है. वे डिप्रेशन जैसे टॉपिक पर बात कर रहे थे. जिसे आमतौर पर चर्चा में शामिल ही नहीं किया जाता.

एक ही दिन में ‘No One Cares’ के 2 लाख फॉलोअर बढ़ गए. तब उन्हें पता चला कि उनके पेज के कॉन्टेंट से लोगों को किस हद तक मदद मिल रही है और ये पेज लोगों के लिए किस तरह स्पोर्ट सिस्टम की तरह काम कर रहा है. आज उनका पेज विज्ञापनों के जरिए चलता है और दोनों इसका इस्तेमाल लोगों की मदद करने के लिए कर रहे हैं. कभी सोशल मीडिया की लत में से जूझ रहे निखिल और सत्यम को उनके घरवालों को भी लगने लगा था की हमारे बच्चे कुछ नहीं करेंगे. लेकिन आज के समय में उनके बच्चे लाखों लोगों की पंसद बन चुके हैं.

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