60 स्कावयर फुट का किचन गार्डन जहाँ उगती है 26 तरह की सब्जियां

हमारे देश की अगर बात करें तो, हमारा देश हमेशा से कृषि प्रधान देश रहा है. जहाँ खेती की बदौलत देश में मौजूद इतनी बड़ी जनसंख्या का पेट हम भर पाते हैं. और इसका सारा श्रेय हमारे देश के उन किसानों को जाता है. जो दिन रात खेतों में मेहनत कर सभी के लिए अन्न उगाते हैं. इस दौरान खेती में जहाँ अनेकों किसान ऐसे भी होते हैं. जो अपनी प्रतिभा और कारानामों की बादौलत कम जमीन में बेहतर उपज़ पैदा करते हैं तो, कई किसान ऐसे भी होते हैं. जो बिना ज़मीन अनेकों तरह की सब्जियां उगाते हैं.

कुछ इसी तरह ही हैं केरल के अलाप्पुझा जिले के रहने वाले एक किसान नासर. नासर वैसे पेशे से तो इंजीनियर हैं. जोकि अलाप्पुझा जिले के अरुकुट्टी गाँव में रहते हैं. लेकिन आज उन्हें अगर कोई जानता है तो, उनके इंजीनियरिंग की बादौलत नहीं. बल्कि उनकी किसानी की वजह से. क्योंकि नासर उनके यहाँ मौजूद केवल 60 स्क्वायर फीट में ही 26 तरह की सब्जियां उगाते हैं. यानि की नासर ने अपने उनके यहाँ मौजूद 60 स्क्वायर फीट की जमीन को kitchen garden बना रखा है. जिसमें वो अनेकों तरह की सब्जियां उगाते हैं.

इसको लेकर नासर खुद बताते हैं कि, “मैं आज खेती में इस मुकाम पर इसलिए हूँ. क्योंकि मैं किसान परिवार से ही हूँ. मैंने बचपन से लेकर आज तक खेती के तौर तरीके देखे हैं. यही वजह रही कि, खेती मेरा शौक बन गई. और मैं पिछले 21 सालों से अपने परिवार वालों के साथ सब्जियां उगा रहा हूँ. यही वजह है कि, आज लगभग दो दशक होने को है. मुझको और मेरे परिवार को कभी सब्जी बाज़ार से नहीं लानी पड़ी.”

नासर,किचन गार्डन

नासर के खेती के तौर तरीके

अपनी छोटी सी जमीन को तीन भाग में बांट कर खेती करने वाले किसान नासर ने, अपने खेतों को क्लाइंबर, क्रीपर और ट्यूबर जैसे सेक्शन में बांटा रखा है. साथ ही खेत में महज़ चलने की जगह को छोड़ दे तो, यहाँ फूलगोभी, मिर्च, पालक, धनिया, अदरख, करेला, गाजर, खीरा और न जानें कितने ही तरीके की सब्जियों से पूरा किचन गार्डन भरा हुआ है. 

इसके बारे में नासर बताते हैं कि, किसी भी इंसान के लिए खेती के लिए जगह बड़ी बात नहीं है. बड़ी बात है. उस खेती के टुकड़े को किस तरह से प्लानिंग के जरिए यूज में लाया जा रहा है.” नासर कहते हैं कि, मैं तो चाहता हूँ. आज देश के हर घर में एक किचन गार्डन होना चाहिए. जहाँ लोग अपनी मनचाही सब्जियां उगा सकें. यही नहीं अपनी उगाई सब्जियों को खाने से इंसान को खुशी तो मिलती ही है. साथ में एक संतुष्टि का आभास होता है. यही वजह है कि, अगर आप खेती करना शुरू करते हैं और आप अच्छी सब्जियां उगाते हैं तो, आप अपने आप को कभी भी रोक नहीं पाएगें. सब्जियां न उगाने से.

kitchen garden के लिए नासर के टिप्स

नासर कहते हैं कि, kitchen garden के लिए किसी भी इंसान को ज्यादा मेहनत नहीं करनी होती. बस उसकी लगन होनी चाहिए. वो कहते हैं कि-

  • 1. अगर आप 60 स्काव्यर फिट का किचन गार्डन बना रहे हैं तो, 15 ग्रो बैग की जरूरत पड़ती है. जिसमें आप पहले ही सोच ले की आपको क्या क्या इसमें लगाना है. साथ ही किचन ऐसी जगह बनाएं की वहाँ धूप की उपलब्धता की बराबर हो. 
  • 2. बरसात में हमें सावधानियां बरतनी पड़ती है. इस दौरान हमें वाटर प्रूफ शीट का इस्तेमाल करना चाहिए. ताकि कीट से मिट्टी को बचाया जा सके.
  • 3. ग्रो बैग में, मिट्टी और खाद बराबर मात्रा में ड़ालने के साथ. इस बैग में पौधों को सावधानीपूर्वक लगाना चाहिए.
  • 4. ग्रो बैग में गर्मियों के दौरान पौधे सूखने लगते हैं. इसलिए इनमें ड्रिप सिंचाई प्रणाली का इस्तेमाल करना चाहिए. ताकि पौधो को पानी की सही मात्रा मिल सके. लेकिन याद रहे कि, पानी ज्यादा न हो.

इन्हीं तरीकों के का सही ढ़ंग से इस्तेमाल करके हम अपना किचन गार्डन तैयार कर सकते हैं. साथ नासर कहते हैं कि, गार्डन में रासायनिक उत्पादों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. organic fertilizerका इस्तेमाल जहाँ पौधों को बेहतर बनाती है. वहीं उपज़ भी अच्छी होती है.”

Organic Fertilizer बनाते हैं नासर

नासर,किचन गार्डन

नासर कहते हैं कि, “मैं अपने kitchen garden के लिए organic fertilizer बनाता हूँ. जिसके लिए मैं 30 लीटर पानी का घोल बनाता हूँ. जिसमें मैं गोबर, मूंगफली केक पाउडर, एक किलो गुड और केला का इस्तेमाल करता हूँ. इस घोल को एक हफ्ते तक सूखने देता हूँ. फिर इसका इस्तेमाल करता हूँ.”

इसके साथ नासर कहते हैं कि, इस घोल को हम महज़ 45 दिन तक सुरक्षित रख सकते हैं. इसका इस्तेमाल भी पानी के साथ 1:8 में किया जाता है.”

यही नहीं, अपने यहां kitchen garden में अनेकों तरह की सब्जियां उगाने वाले नासर के पास एक एकड़ की खेती भी है. जिसमें वो मैंगोस्टीन, सपोटा, लीची के साथ साथ नारियल जैसे फलों की खेती करते हैं. 

यही वजह है कि, आज के समय में नासर ‘ऑर्गेनिक केरल चैरिटेबल ट्रस्ट’ के महासचिव के तौर पर काम करते हैं. जिसके चलते नासर अपने गाँव के सभी सदस्यों को इस तरह की खेती के लिए प्रेरित करते हैं. ताकि खेती में सुधार लाया जा सके.

इन्हीं उपलब्धियों के चलते नासर को अभी तक कई तरह के पुरस्कार दिए जा चुके हैं.

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