मकई की भूसी से बना Eco-Friendly Pen, कीमत मात्र 10 रुपये

दुनिया महामारी, पानी की कमी, प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग न जाने किसी किसी समस्याओं से जूझ रही है. अगर हम ये भी कहें की इसकी जिम्मेदार भी मानव जाति खुद ही है तो, शायद कहना गलत नहीं होगा. इंसानों ने घरती पर आने के बाद से शायद ही कभी धरती की चिंता की हो. उसे चिंता है अपने विकास की. दुनिया में अपने वर्चस्व की. हालांकि कुछ संस्थाऐं, कुछ लोग ऐसे हैं. जिन्हें असल में धरती की समस्याऐं दिखाई देती हैं. जो हकीकत में लोगों को समझाना चाहती हैं कि, जिस दिशा में इंसान अग्रसर है. उस ओर महज़ दुनिया का विनाश है. अनेकों ऐसे लोग हैं. जो पर्यावरण की रक्षा की खातिर दिन रात मेहनत कर रहे हैं.

इसी तरह तेलंगाना के वारंगल स्थित गोपालपुरम में रहने वाला एक इंसान है. जिनका नाम है राजू मुप्परपु. जोकि पिछले काफी लंबे समय से पर्यावरण की चिंता को गंभीरता से लेकर काम कर रहे हैं. राजू मुप्परपु हमेशा से पर्यावरण प्रेमी रहे हैं. यही वजह है कि, उन्होंने जिस समय अपने दिमाग में आविष्कार करने की उपज़ पैदा की. उसी समय प्रण कर लिया था कि, उनके आविष्कार पर्यावरण की भलाई के लिए होगें. इसलिए उन्होंने अपनी मेहनत और सोच के दम सेंसर से चलने वाली स्ट्रीट लाइट, बैटरी से चलने वाली साइकिल का आविष्कार किया. हालांकि पर्यावरण प्रेमी का जुनून यहां कहां रुकने वाला था. हाल ही में राजू मुप्परपु ने एक और अनोखा आविष्कार किया है.

जिसको उन्होंने नाम दिया है इको फ्रेंडली पेन (Eco Friendly Pen). इस इको फ्रेंडली पेन (Eco Friendly Pen) को राजू ने मकई की भूसी से तैयार किया है.

Eco Friendly Pen बनाने का आइडिया

इस Pen के बारे में राजू बताते हैं कि, “मेरे गांव में लगभग सभी लोग किसान हैं. सभी अधिकतर मकई की खेती करते हैं. जिस समय फसल तैयार हो जाती है. उसकी कटाई के बाद उसमें से मकई निकाल ली जाती है. हालांकि भूसी रह जाती है. इसका इस्तेमाल में अन्य जगहों पर मुश्किल से किया जाता है. इसलिए अधिकतर लोग इसे खत्म करने की खातिर जला देते हैं. यही वजह थी कि, पर्यावरण को भी इससे नुकसान पहुंचता है. इसलिए मैंने ऐसे समाधान पर काम करने की योजना बनाई. जिससे इस भूसी को जलाने से रोका जा सके.”  

जिसके बाद अपने इस योजना पर काम की शुरुवात करने वाले राजू मुप्परपु ने मकई की भूसी से पेन की रीफिल तैयार करने की योजना बनाई. इसके लिए उन्होंने मकई की भूसी को सिलिंड्रिकल शेप में ढ़ालने की शुरुवात की.

Raju Mupparapu
इसके आगे Raju Mupparapu कहते हैं कि, “आज हर तरफ प्लास्टिक का इस्तेमाल कहीं ज्यादा होता है. जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है. इसलिए इस Eco Friendly Pen को आसानी से डिस्पोज़ किया जा सकता है. साथ ही इस विधि से मकई की भूसी को भी जलाने से रोकने में मदद की जा सकती है.”

ऐसे तैयार किया Eco Friendly Pen

Raju Mupparapu बताते हैं कि, “अपने आइडिया पर काम करने की खातिर, मैंने मकई के खेत में गया. जहां से मैंने भूसी ली और उसे गीले कपड़े से साफ किया. इसके बाद भूसी को मैंने पूरी तरह से चपटा किया. फिर एक कटिंग मशीन की मदद से उसे रेक्टेंगल शेप में ढ़ाल दिया. इसके बाद इस Pen को तैयार करने के खातिर मैं एक धातु की छड़ को एक सांचे व मेजरिंग टूल की मदद से उस भूसी को उस पर लपेट दिया.

Raju Mupparapu

इसके बाद मैंने छड़ हटाई. यह पूरी तरह से सिलिंड्रिकल शेप में बन गई. इस दौरान इसके दोनों सिरे खुले थे. जिसमें एक ओर से रीफिल डाली जाती है. जबकि दूसरी ओर से रीफिल के ढ़ीले होने पर उसे फिट करने की खातिर, कस दिया जाता है. जिससे कलम के पिछले हिस्से को दबा दिया जाता है. इसके बाद Eco Friendly Pen तैयार हो जाता है.”

ठीक इसी तरह Raju Mupparapu ने पेन का ढक्कन तैयार करने की खातिर किया. उन्होंने मकई की भूसी को पहले की ही तरह सिलिंड्रिकल शेप में तैयार कर लिया. उसके बाद ये सुनिश्चिक किया की उसका व्यास पेन से बड़ा हो. जिसमें उसे आसानी से फिट किया जा सके.

Raju Mupparapu कहते हैं कि, “जिस समय मैंने पहला पेन तैयार किया था. उससे लिखने की शुरुवात की थी. उस समय मुझे मकई की भूसी से बना पेन सभी पेन की ही तरह मालूम हुआ. यही वजह रही कि, उन्होंने अगले दिन कुछ और पेन बनाए. फिर इस आइडिया को अपने दोस्तों और पड़ोसियों के साथ बांटना शुरू किया.”

Raju Mupparapu बताते हैं कि, “आज के समय में सारे पेन मैं खुद ही तैयार करता हूँ. इस तरह के Eco Friendly Pen बनाने में मुझे 10 मिनट ही लगते हैं. यही पेन मैंने वारंगल ग्रेटर नगर निगम की कमिश्नर, IAS पमेला सत्पथी से मुलाकात के दौरान गिफ्ट दिया था.”

Raju Mupparapu

IAS पमेला कहती हैं कि, “Raju Mupparapu का आविष्कार काफी अलग और बेहतर है. इसके बारे में मैंने राजू से बात की है. साथ ही उन्हें सुझाव दिया है कि, इसमें अच्छी क्वालिटी के रीफिल्स डाल सकते हैं. इसके अलावा अभी हमने अपने ऑफिस की खातिर Raju Mupparapu को एक हज़ार पेन का ऑर्डर दिया है.”

Raju Mupparapu के बनाए इस Eco Friendly Pen की कीमत 10 रुपये है. हाल ही में तेलंगाना स्टेट इनोवेशन सेल (TSIC) ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर उनकी तारीफ की थी.

अगर आप Raju Mupparapu की इस जीरो वेस्ट, इको फ्रेंडली पेन को खरीदना चाहते हैं, तो उनसे 9502855858 पर संपर्क कर सकते हैं.

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