हम सभी हमेशा से टेलीविजन देखने के शौकीन रहे हैं. भले ही बदलती दुनिया के बीच टेलीविजन का आकार बदल गया हो. हम सभी की कई यादें भी उस दशक से जुड़ी हुई हैं. जिस समय टेलीविजन Black & White के दौर से निकलकर रंगीन की दुनिया में आ रहा […]

अपनी परवाह और अपनों के लिए जीना हर इंसान चाहता है. हर इंसान की ख्वाहिश होती है कि, वह अपने परिवार वालों के लिए बेहतर कर सके. शायद गिने चुने लोग ही दुनिया में ऐसे हैं. जो अपने के लिए जीने के बजाए दुनिया के लिए जीना चाहते हैं. दुनिया […]

सफलता कहीं जमीन में दफ्न नहीं होती. ऐसा भी नहीं होता कि, पलभर में आप सफलता के मुकाम को पा लें. जब कभी हम कुछ अलग करने की कोशिश करते हैं तो, हमें हज़ारों दुश्वारियां रोकती हैं. कई बार ऐसा होता है कि, परिस्थितियां हमारे विपरीत होती हैं. लेकिन इन […]

सच है विपत्ति जब आती है, कायर हो की दहलाती है. सूरमा नहीं विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते. बचपन में हिंदी की किताब में हम में से अनेकों लोगों ने ये पक्तियां जरुर पढ़ी होंगी. इन पक्तियों का मतलब भी हमें बाखूबी मालूम होगा. अगर नहीं तो चलिए […]

पिता एक शब्द नहीं. एक संसार की कल्पना है. एक छत है. घर का निर्माण कभी महज़ दीवार बना लेने से नहीं होता. उसे जरुरत होती है एक छत की अगर आज हम कहें कि, पिता ठीक वही छत है. जिसके आगोस में हम रहकर धूप, बारिश, जाड़ा, आंधी-तूफान सबसे […]

हमेशा हम अपने देश की तमाम बेहतरीन इंसानों से लेकर, बेहतरीन कामों को आपके सामने लेकर आते हैं. हालांकि आज की स्टोरी काफी अलग है. क्योंकि आज की स्टोरी हमारे देश की नहीं Indonesia की स्टोरी है. आज पर्यावरण के नाम पर महज़ गिने चुने लोग हैं. जो इस तरह […]

अक्सर किसी भी सफर के दौरान हमें सड़कों के किनारे, सड़कों के बीच में कुत्तों की लावारिस लाश दिखाई देती है. गलियों से लेकर मोहल्लों में आवारा और बेजुबान कुत्ते दर-दर भटकते रहते हैं. लोग उन्हें कभी दुत्कार देते हैं. कभी बेरहमी से मार देते हैं. हालांकि कम ही लोग […]

दुनिया महामारी, पानी की कमी, प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग न जाने किसी किसी समस्याओं से जूझ रही है. अगर हम ये भी कहें की इसकी जिम्मेदार भी मानव जाति खुद ही है तो, शायद कहना गलत नहीं होगा. इंसानों ने घरती पर आने के बाद से शायद ही कभी धरती की […]

पानी एक इंसान की खास जरुरतों में से एक है. बिना पानी इंसान तो क्या किसी भी जीवन की कल्पना तक नहीं की जा सकती. उसके बावजूद पानी को लेकर इंसान जितना लापरवाह और लचर है. उससे कल्पना की जा सकती है कि, भले ही अनेकों देश, राज्य, जगहों पानी […]

कहते हैं, जब तक अपने पर न बीते तब तक किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता. मगर इस महामारी में ऐसा अनेकों बार देखा गया, जब बिना अपनी जान की परवाह किए, बिना अपने बारे में सोचे कई लोगों ने अनेकों लोगों की मदद की. जहां कोरोना महामारी का दौर […]