भारतीय संस्कृति जो प्रकृति से जुड़ी हुई है…. इसके मूल में प्रकृति और इंसान के बीच का प्रेम है। प्रकृति के रंग से ही इंसान का संसार खिलता है। ऐसे में वसंत ऋतु वह मौसम होता है, जब प्रकृति खिलती है और यह मौसम इंसानों के जीवन में भी रंग […]

नागा…. नाम सुनते, सबके दिमाग में बड़ी—बड़ी जटाओं वाले बाबाओं की तस्वीरें सामने आ जाती हैं…. कुंभ का नाजारा दिखता हैं. जिसमें ऊछलते—कूदते निर्वस्त्र साधुओं का झुंठ नदी में स्नान करने के लिए जा रहा होता है. लेकिन सिर्फ कुंभ क्यों? क्योंकि कुंभ ही एक ऐसा समय होता है. जब […]

‘भारत का संविधान’ जो 2 साल 11 महीने 18 दिनों के बाद 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार तो हो गया, लेकिन इसे लागू अगले साल यानि साल 1950 में जनवरी महीने की 26 तारीख को किया गया। इस दिन को हमारा देश गण्तंत्र हो गया और तब से हमारे […]

प्राचीन भारतीय स्कूलों के बारे में बात करें तो इसमें टीचरों की ओर से बच्चों को दो तरह की टीचिंग मिलती है। पहला शास्त्र और दूसरा शस्त्र। माना जाता है कि, एक विद्यार्थी के लिए इन दोनों ही चीजों की नॉलेज होनी चाहिए। तभी वो अपनी जिंदगी में हर तरह […]

जनवरी के महीने में चार ऐसे दिन आते हैं जो हमे अपने देश और इसके लिए हमारे अंदर की राष्ट्रीयता को उठने वाली भावना से हमेशा हमें जोड़े रहते हैं। इसमें सबसे पहला दिन है 15 जनवरी का जिसे हम, आप और पूरा देश आर्मी डे के नाम से जानता […]

भारतीय संस्कृति में प्रकृति यानि मदर नेचर का सबसे ज्यादा महत्व है। यही कारण है कि, हिमालय से लेकर हिन्द महासागर तक के बीच बसे इस बड़े से भू—भाग में, जिसे हम भारत कहते हैं, हर एक त्योहार मदर नेचर को डेडिकेटेड है। अब 14 तारीख यानि कल के दिन […]

हिन्दी हमारी राजभाषा है। आज के दिन हिन्दी के बारे में बात करना इसलिए जरूरी हो जाता है क्योंकि आज विश्व हिन्दी दिवस है। 1975 में हुए पहले ग्लोबल हिन्दी सम्मेलन को 45 साल हो गए हैं और इस बीच हिन्दी ने अपने आप को दुनिया में बड़ी मजबूती से […]

अगर हम अपने देश से दूर हों तो हम इंडियन्स को सबसे अच्छी बात क्या लगती है?  जवाब यहीं होता है अपने घर अपने देश और वहां की संस्कृति से जुड़ी हुई कोई चीज। ऐसी किसी भी चीज़ को देखते ही और उसके बारे में सुनते ही अंदर से एक […]

आज 3 जनवरी का दिन है। ऐतिहासिक रूप से आज का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा क्यों? तो ऐसा इसलिए क्योंकि आज के दिन समाज में एक परिवर्तन की नींव ऊपरवाले ने रख दी थी। जिसका परिणाम आगे के कुछ सालों में एक बड़े बदलावों के साथ दिखा। […]

नया साल, नई शुरुआत…हर कोई आने वाले नए साल को बेहतर बनाना चाहता है और जाते हुए पुराने साल को वहीं लानत भेज रहा है कि बहुत बुरा था ये साल….। नए साल को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं, प्लान बनने लगें हैं.. कहां जाना हैं… क्या बनेगा… किसकी बली […]