बीच, नाइटलाइफ़ और चर्च के अलावा गोवा में देखने लायक हैं अर्वलेम गुफा

गोवा का नाम सुनते ही आपके मन में बीच, नाइटलाइफ़, हाथ में बियर पकडे और मदहोश होकर रातभर डांस करते लोगों का ही ख़याल मन में आता होगा। चारों तरफ़ ज़्यादातर हनीमून कपल ही दिखाई देते हैं। सस्ती शराब, समुद्र किनारों से लेकर बड़े बड़े चर्च तक यहां सबकुछ ऐसा है जिसकी वजह से यहां लोग हर सीज़न में घूमने आने के लिए तैयार रहते हैं। मगर एक तो गोवा की वो साइड है जो अक्सर हम सोशल मीडिया में देखते हैं। लेकिन क्या आपने कभी गोवा में मौजूद पौराणिक गुफायों के बारे में सुना है या लोगों को वहां घूमते हुए देखा है ? शायद नहीं ! क्योंकि बहुत से लोग तो इनके बारे में जानते ही नहीं हैं।


जी हाँ ! अर्वलेम गुफाएं उत्तरी गोवा के संकाई गांव में हैं जो पणजी से करीब 31 किमी दूर है। गुफाएं लाल लाइटैइट पहाड़ी की है। पौराणिक कथायों के मुताबिक ये महाभारत के युग की गुफाएं हैं। पांडव अपने अज्ञातवास के दौरान इन्ही गुफायों में ठहरे थे। इसलिए अर्वलेम गुफाओं को को पांड्वो की गुफा के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि, अज्ञातवास के दौरान – युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव ने कुछ समय इन्ही गुफायों में गुजारा था। इन गुफायों में पांच गुफाएं है जिनमे से मुख्य तीन गुफायों में शिवलिंग स्थापित है । वहीं कुछ लोग इन गुफायों को को बौद्ध गुफा मानते हैं । क्योंकि इन गुफायों के पास महावीर गौतम बुद्ध की एक बड़ी मूर्ति को देखा जा सकता है…जोकि चौथी शताब्दी की है। लोगों का मानना ​​है कि, इस गुफा की खुदाई बौद्ध भिक्षुओं द्वारा की गयी थी। इन गुफायों को स्थानीय लोगो द्वारा “हरवलम गुफाएं” के नाम से भी जाना जाता है। बस आपको इन गुफाओं में इतना ही और भी बहुत कुछ ऐतिहासिक देखने को मिलेगा। जैसे इस गुफा के दूसरे हिस्से में सातवीं शताब्दी के संस्कृत और ब्राह्मी भाषा का एक शिलालेख भी मौजूद है। ये गुफाएं इतनी आकर्षक है कि, यहां कई फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है। यही नहीं इन गुफाओं के अलावा भी आप अर्वलेम झरना देख सकते हैं जो उत्तर गोवा के सिंक्वेलिम शहर से दो किलोमीटर दूर है। 24 फीट उंचा इस झरने के पास एक पार्क भी है, जिससे लोग इसकी खूबसूरती का मजा पिकनिक के साथ ले सकते हैं।

गोवा आने वाले ज्यादातर टूरिस्ट यहां के बीच तक ही सीमित रह जाते हैं। लेकिन अगर आपको इतिहास में दिलचस्पी है तो गोवा के पास मापुसा भी आपके लिए काफी खास जगह हो सकती है। मापुसा में आप ख़ूबसूरत मंदिर देख सकते हैं। आप यहां के प्रसिद्ध बोडगेश्वर मंदिर,मारुती मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। ये मत सोचिए कि मंदिर तो आप अपने शहर में भी देख सकते हैं। क्योंकि इस मंदिर की वास्तुकला देखने लायक है। इस मंदिर का निर्माण 1840 ईस्वी में किया गया और इसका 1843 ईस्वी में पुननिर्माण किया गया था, क्योंकि ये मंदिर पुर्तगालियों द्वारा बर्बाद कर दिया गया था। यहां का फ्राइडे मार्केट काफी लोकप्रिय है, जहां स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटक भी खरीदारी करना पसंद करते हैं। यही नहीं आप यहां की प्राचीन चर्च लेडी ऑफ मिरेकल देख सकते हैं, जिसका निर्माण 16वीं शताब्दी में किया गया था।

बस इतना ही नहीं यहां की सलीम अली बर्ड सैंक्चुअरी भी नेचर लवर्स के लिए काफ़ी बढ़िया जगह है। इस बर्ड सैंक्चुअरी में आप अलग-अलग प्रजाती के पक्षी देख सकते हैं। ये सैंक्चुअरी माण्डवी नदी के बीच चराओ आइलैंड पर है। सलीम अली बर्ड सैंक्चुअरी गोवा की राजधानी, पणजी से सिर्फ 5 किमी की दूरी पर ही है। मपूसा शहर से भी ये 10 किमी दूर पर है। मतलब आपको ये सब जगह देखने के लिए ज़्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा क्योंकि ये जगह पास पास हैं। इसलिए आप एक जगह से दूसरी जगह जल्दी पहुँच सकते हैं। अगर आप अकेले नहीं हैं तो यक़ीनन गोवा आकर ना सिर्फ आप मौज मस्ती कर सकते हैं बल्कि अगर आपके बच्चे छोटे हैं तो ये ट्रिप उनके लिए एक एड्युकेशन टूर का काम भी करेगा।

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