किसी मंदिर-मस्जिद या फिर किसी फुटपाथ से गुजरते अक्सर हमने कई ऐसे लोगों को देखा होगा. जो भीख मांगते हैं. जिनके पास न तो रहने का कोई ठीक ठिकाना होता है और न ही कहीं कुछ करने का बसर. ऐसे में हम में से कई लोगों के अंदर इन लोगों […]

अपनी अनोखी पहचान रखने वाले हमारे देश भारत ने कई सालों की गुलामी की जंज़ीरों में अपने कई साल गुज़ारे हैं. ऐसे में देश की आज़ादी की खातिर 19वीं सदी में जहां राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन के उदय ने भारतीय आजादी की रूप-रेखा तैयार कर दी थी. वहीं आजादी के बाद […]

बॉलीवुड का ग्लैमर आज हर एक भारतीय को लुभाता है, शायद ही कोई इंसान आज होगा फिल्में देखना न पसंद हो. जहां एक तरह अनेकों लोग सिनेमाघरों में इसलिए जाते हैं ताकि, वो अपने पसंदीदा स्टार्ट और अभिनेता को देख सकें तो, वहीं दूसरी ओर फिल्मों के हिट होने में […]

यूँ तो हम सबने प्रेरणादायी कहानियां न जानें कितनी ही पढ़ी हैं और न जानें कितनी ही सुनी हैं. ऐसे में न जानें कितने ही लोग हैं. जो अपने इन्हीं कामों के चलते देश-दुनिया के लिए मिसाल हैं. ऐसे में हम आज आपको इसी तरह एक ऐसे शख्स से रू-ब-रू […]

अक्सर जब हम खेती-किसानी की बात करते हैं तो, सबसे पहले खेत में एक किसान हमारी कल्पनाओं में गूंज उठता है. जिसकी वजह है हमारा परिवेश. हमने खेती-किसानी को महज़ खेतों की मिट्टी से जोड़कर रख दिया है. या फिर यूँ कहें कि तन पर एक झन्नेदार बनियान और हाथों […]

हम अपनी ज़िदगी को बेहतर करने की खातिर क्या करते हैं, कितना करते हैं. यही दिखाता है कि, हम अपनी ज़िदगी में कितना कुछ पाते हैं. इसकी वज़ह ये है कि, हमारी ज़िदगी में हमेशा चुनौतियां आती रहती हैं और हमें उन्हें उसी तरह पार पाना होता है. जैसे हम […]

अगर आप भारतीय हैं तो अपनी सुबह की शुरूआत बिना चाय के शायद ही करते हों, जिसकी खास वज़ह है हम सभी सुबह की गर्म चाय के आदि हो चले हैं. हममें से भी ऐसे न जानें कितने हैं जो चाहते हैं कि, उन्हें बिस्तर में ही चाय मिल जाए. […]

देश में जिस समय टेलीविजन का चलन हुआ था. उस समय गाँव से लेकर शहरों तक में टेलीविजन देखने के लिए पूरा परिवार इकट्ठा हो जाता था. टेलीविजन पर उस समय दूरदर्शन आता था. जो शायद ही आज के समय में कोई देखता है. इसकी खास वजह है आज की […]

देश को आज़ाद कराने की खातिर अनेकों देशभक्तों से लेकर अनेकों वीरों ने अपनी जान गंवाई है. यही वजह है कि, आज भी आज़ाद भारत उन सभी का शहीदों का ऋणी है. ऐसे में जिस समय भारत आज़ाद हुआ वो एक ऐसा समय था. जब भारत में रह रहे नेताओं […]

रास्ते से गुजरते किसी बोर्ड पर, किसी होर्डिंग पर, किताबों पर या फिर पेड़ पौधों के सुरक्षा कवच पर हम हमेशा से पढ़ते हैं कि, वन नहीं तो जन नहीं, वृक्ष लगाओ जीवन बचाओ….और पढ़कर इन्हें नज़रअंदाज कर देते हैं. जिसकी महज़ एक वजह है कि हमें पढ़कर भूलने की […]