सॉफ्टवेयर इंजीनियर, जिसने जॉगिंग के दौरान इकट्ठा कर डाला 40,000 किलोग्राम कूड़ा

प्लास्टिक-प्लास्टिक की थैलियां, प्लास्टिक का कचरा, प्लास्टिक का प्रवेश और प्लास्टिक की दुनिया….हकीकत में आज के दौर की बात करें तो, प्लास्टिक ने हमारे पूरे प्रवेश के साथ पूरी दुनिया को इस तरह अपने में समेटा है कि, हर इंसान इसके आगे विवश हो चला है. क्या धरती, क्या नदी का किनारा और क्या समुद्र. दुनिया में शायद ही ऐसा कोई कोना होगा जहां प्लास्टिक की पहुंच ना हो गई हो. क्योंकि हर कोई जानता है कि, प्लास्टिक को खत्म नहीं किया जा सकता. तभी तो बेसहारा जानवर, समुद्री जीवों के पेट में प्लास्टिक की खेप मिलती रहती है.

खैर इंसानों को क्या….वो तो इस्तेमाल कर फेंकने में भरोसा रखते हैं. तभी तो प्लास्टिक का वेस्ट दुनिया के हर कोने तक पहुंच पाया है. लेकिन कुछ और लोग हैं, जिन्हें दुनिया की फिकर है, समाज की फिकर है….और आने वाले कल की भी फिकर है और यही फिकर उन लोगों को हर उन सबसे परे बनाती है.

कुछ ऐसा ही काम एक पुणे के रहने वाले गौरव कर रहे हैं. 24 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर गौरव पिछले कई सालों से Plogging का काम कर रहे हैं.

Pune Ploggers की शुरूवात

Pune Ploggers

Pune Ploggers का आइडिया आने से पहले गौरव अपने पर्यावरण को लेकर सचेत रहते थे. यही वजह रही कि, गौरव ने अथॉरिटीज़ पर से भरोसा छोड़ अपने Pune को बेहतर बनाने के लिए काम करना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने हर रोज जॉगिंग करते करते कूड़ा उठाने की बीड़ा उठाया और धीरे-धीरे इस पर काम करते हुए उन्होंने इसमें अपने दोस्तों को भी शामिल किया. साथ ही गौरव ने पुणे में स्थित क्लीन-अप ड्राइव ज्वाइन किया. जिसके बाद से उनको Plogging का आईडिया आया और उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस काम को हर वीकेंड करने की शुरुवात की. गौरतलब है कि, Plogging का कॉन्सेप्ट स्वीडन में सबसे पहले शुरू हुआ था. जहां लोग जॉगिंग करते समय भी कचरा उठाते चलते हैं.

इसी आईडिया पर काम करते हुए गौरव ने भी पुणे को साफ करने की शुरुवात कि, शुरु के समय में जहाँ गौरव और उनके दोस्त ही सफाई अभियान में शामिल रहते थे. वहीं धीरे-धीरे इस काम से प्रभावित होकर लोगों जुड़ने लगे. यही वजह रही कि, गौरव ने बीते साल 2019 के सितंबर महीने में Pune Ploggers नाम की एक संस्था की स्थापना की और लगभग इन छह महीनों के अदंर ही उन्होंने 100 प्लॉगिंग ड्राइव को पूरा कर डाला.

गौरव की मानें तो वो कहते हैं कि, “मैं और मेरे दोस्तों ने जुलाई के बाद से Polloging पायलट प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया था. ये एक ऐसा टाइम था, जिस समय हमारे पास 15-20 लोगों का एक छोसा समुदाय था. यही वजह थी कि, हमने 2 अक्टूबर के दिन अधिकारिक तौर पर इसे लॉन्च किया. इन सबसे अधिकतर लोग ऑफिस और कामकाज से जुड़े हुए हैं. जिसके चलते वो लोग हमें हर वीकेंड पर ज्वाइन करते हैं. हालांकि कुछ और लोग हैं, जो इस प्रोजेक्ट पर अपना समय हमेशा निकालते हैं. जिसमें हम सभी सुबह जॉगिंग के लिए जाते हैं तो कूड़ा इकट्ठा करते हैं.”

Pune Ploggers

यही वजह है कि, Pune Plogging के शुरू होने के बाद से अब तक हमने 40,000 किलोग्राम से ज्यादा कचरा उठाने का काम पूरा कर लिया है. हमारी इस पहले के बारे में हाल ही में पुणे नगर को भी मालूम चला है. जिसके बाद से उन्होंने और हमारी संस्था ने मिलकर एक मेगा Ploggathon का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में एक लाख से ज्यादा लोगों ने हमें ज्वाइन किया था. यही वजह रही थी कि, हमने एक ही दिन में 20,000 किलोग्राम से ज्यादा प्लास्टिक और कूड़ा इकट्ठा किया था.

हर कोई जानता है कि, प्लास्टिक के बिना आज दुनिया में और कुछ नहीं हैं. क्योंकि प्लास्टिक कभी खत्म नहीं होता. यही वजह है की गौरव कहते हैं, “हमारी संस्था प्लास्टिक जमा करने के अलावा लोगों को जागरूक करने का भी काम करती है. क्योंकि पुणे में रहने वाला हर एक नागरिक साफ सफाई के प्रति जिम्मेदार है. मैं पिछले छह साल से Pune में साफ सफाई और स्वस्छता अभियान पर काम कर रहा हूँ.”

Pune Ploggers

आज दुनिया में हर एक इंसान जानता है कि, लिटरिंग एक सबसे बड़ी समस्या है, जिसे लोग जाने अन्जाने किया करते हैं. लेकिन मैं चाहता हूँ कि, लोग इसके प्रति सचेत हों और वो इसके प्रति जिम्मेदार बने.

हर कोई जानता है कि, जागरूकता हर तरफ से मायने रखती है. क्योंकि बिना जागरूक हुए कोई भी इंसान कभी भी अपनी जिम्मेदारी नहीं लेता. यही वजह है कि, गौरव जैसे लोग अपनी संस्था Pune Plogging के चलते लोगों को सचेत करने के साथ-साथ जिम्मेदार बना रहे हैं.

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