शहीदों के जज्बें की दास्तां शरीर पर लेकर चलते अभिषेक गौतम

कहते हैं किसी चीज का जनून अगर किसी के सर चढ़ जाये तो उसको उतारना मुश्किल है…कुछ ऐसा जनून चढ़ा है उत्तर प्रदेश के हापुड़ में रहने वाले अभिषेक गौतम पर, आज के दौर में जहां लोग अपने प्यार करने के तरीके से लेकर इजहार करने तक अलग-अलग तरीका इजाद कर रहे हैं. ऐसे में अभिषेक गौतम देश से प्यार और राष्ट्र के प्रति अपनी भक्ति दिखाने के लिए अपनी पीठ पर शहीदों का नाम गुदवा रहे हैं.

अभी तक अभिषेक गौतम ने अपनी पीठ पर कारगिल में शहीद हुए 577 जवानों के नाम सहित 585 टैटू गुदवाए हैं. हापुड़ के रहने वाले अभिषेक गौतम का ये नजरिया और इस तरह प्यार का इजहार है कि आज वो लोगों के बीच पहचाने भी जाने लगे हैं. 30 साल के अभिषेक गौतम इंटीरियर डिजाइनर और लेखक हैं. एक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अभिषेक कहते हैं कि हमारे जवान सीमा पर रह कर हमारे देश की सेवा के लिए अपनी जान तक दे रहे हैं. इसके बावजूद भी उन पर पथराव होता है. ऐसे में मेरी इच्छा हुई की इन सच्चे वीरों को अपनी ओर से ये सबसे बेहतर श्रद्धांजलि है.

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जब ये जुनून अभिषेक के सिर चढ़कर बैठा तो उस समय अभिषेक लगातार 8 दिन तक रोजाना 6 घंटे तक टैटू स्टूडियो में बैठे. इस दौरान उनके शरीर में काफी दर्द भी हुआ. यहां तक की बुखार भी आ गया. लेकिन जो ठान ली उसके बाद अभिषेक रुकने वालों में नहीं हैं. उन्होंने अपनी पीठ पर 577 शहीदों के नाम के साथ ही कई महापुरुषों के नाम, इंडिया गेट और शहीद स्मारक भी बनवाये हैं.

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इसको लेकर अभिषेक गौतम कहते हैं कि शुरूआत में मैं शहीदों के घर के बारे में पता लगाकर उनके घर जाता था. लेकिन अब मुझे अन्य शहीदों के घर और गांव से बुलावा आता है. मुझे उनके घर जाकर बच्चों से लेकर बाकी लोगों के साथ बैठक शहीदों के किस्से कहना और उनके बारे में सुनना अच्छा लगता है. क्योंकि इससे वो वापस तो आ नहीं सकते लेकिन मैं चाहता हूं कि, जो मैं कर सकता हूं उनके लिए जरूर करूं. क्योंकि मेरा मानना है कि गांव वाले और बच्चे इससे मोटिवेट होते हैं.

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