विविधताओं के देश में कई रंगों में रंगा है होली का त्योहार

होली आने को है। कई जगह होली के रंग दिखने लगे हैं तो, कई जगह दिखने को तैयार हैं. पूरे भारत में मनाए जाने वाली होली भारत के साथ-साथ श्रीलंका, नेपाल व मॉरिशस में भी मनाई जाती है। जहां दुनिया के तमाम हिस्सों में मनाई जाने वाले होली भारत की ही तर्ज पर मनाई जाती है. वहीं भारत के हर एक राज्य में होली के रंग और नाम अलग-अलग होते हैं।

Holi के प्रारूप

यूपी, बिहार की होली-

हिंदू कैलेंडर के मुताबिक फाल्गुन महीने में आने वाली होली उत्तर भारत के राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में फगुआ, फाग के साथ-साथ लठमार की तरह मनाई जाती है। जहां उत्तर प्रदेश बिहार जैसे राज्यों में होली के समय में लोग होलिका दहन होने के बाद फगुआ मनाते हैं. जिसमें ये लोग रंगों के साथ-साथ मंडलियों में फाल्गुन के गीत गाते हैं. घरों में पकवान बनाए जाते हैं. जिसमें गुजिया और मीठे पकवान सबसे अहम होते हैं. वहीं बरसाने और मथुरा के तमाम हिस्सों में लठमार होली खेली जाती है. जिसकी तैयारी एक महीने पहले से ही शुरू हो जाती है।

हरियाणा की होली-

हरियाणा की होली को धुलेंडी भी कहा जाता है. ऐसा कहा जाता है कि, धुलेंडी भारतीय संस्कृति में रिश्तों के साथ प्रकृति के बीच सामंजस्य बिठाने का अनोखा मिश्रण है. ये होली हरियाणा में ही देखने को मिलती है. जिसमें सूखी होली मनाई जाती है. इस दौरान यहां के लोग सूखा गुलाल और अबीर से होली खेलते हैं.

मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की होली-

मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में प्राय: होली के बाद पंचमी के दिन रंग खेलने की परंपरा है। जिसमें सामान्य तौर पर सूखा गुलाल खेला जाता है। इस दौरान यहां कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं। साथ ही यहां रहने वाले मछुआरे अपनी-अपनी बस्तियों में जाते हैं। नाच, गाने और मस्ती का माहौल बनाते हैं। वहीं राजस्थान के जैसलमेर में इस दौरान मंदिर महल में लोकनृत्यों का आयोजन किया जाता है। वहीं मध्य प्रदेश के नगर इंदौरा में इस समय सभी सड़कों पर रंगों से मिश्रित सुंगधित जल का छिड़काव किया जाता है. साथ ही जुलूस निकाला जाता है. इस जुलूस को गेर कहा जाता है. जहां लोग सड़कों पर नाचते गाते हैं और उन पर जल डाला जाता है.

Holi

Holi in Paschim Bengal

पश्चिम बंगाल में होली के त्योहार को डोल पूर्णिमा व डोल यात्रा के तौर पर मनाया जाता है, जिसमें पश्चिम बंगाल के हर कोनों में बंगाल की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिलती है. इस दिन लोग बसंती रंग के कपड़े पहनकर फूलों से श्रृंगार करते हैं.

तमिलनाडु और कर्नाटक की होली-

तमिलनाडु और कर्नाटक की होली के दौरान यहां के लोग कामदेव के बलिदान को याद करते हैं. यही वजह है कि, यहां की होली को कमान पंडिगई, कामाविलास और कामा-दाहानाम कहते हैं. वहीं कर्नाटक में होली को कामना हब्बा के तौर पर मनाया जाता है. जबकि इसी की तर्ज पर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी होली मनाई जाती है.

मणिपुर और असम की होली-

मणिपुर में होली के त्योहार को योशांग व याओसांग कहा जाता है. इसके अलावा धुलेंडी वाले दिन को पिचकारी कहते हैं. जिसमें याओसांग यानि की नन्हीं-नन्हीं झोपड़ी बनाई जाती है. जिसमें चैतन्य महाप्रभु की मूर्तियां लगाई जाती हैं. फिर होली के बाद इस झोपड़ी को जला दिया जाता है. जबकि असम की होली को ‘फगवाह’ या ‘देओल’ कहा जाता है. जिसमें त्रिपुरा, नागालैंड, मेघालय और सिक्किम में भी इसी तर्ज पर होली मनाई जाती है. 

हिमाचल और उत्तराखंड की होली-

यहां के राज्य में होली के अवसर पर अनेकों जगह संगीत समारोह का आयोजन होता है. जिसमें बैठकी होली, महिला होली और खड़ी होली होती है. इसके अलावा यहां की होली को कुमाउनी होली भी कहा जाता है।

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