राजीव कुमार की 10.6 फिट की साइकिल देखकर हो जाएंगे हैरान

Rajeev kumar की बचपन से ही ख्वाहिश थी कि पॉल्यूशन को कम करने के लिए सभी लोग साइकिल चलाएं इसके लिए उन्होंने बाइक को त्याग कर साइकिल पर सवारी करना सही समझा

बचपन मे खिलोनो के बाद बच्चों की जिद साइकिल होती है। बच्चों को साइकिल चलाने का काफी शौक होता है। बड़े होते-होते बच्चे फेंसी साइकिल छोड़, बाइक और कार का सपना देखने लगते हैं, और बच्चों का साइकिल से लगाव खत्म ही हो जाता है। लेकिन चंडीगढ़ के राजीव कुमार के लिए ये बात सही नही बठैती। जैसे-जैसे राजीव कुमार बड़े होते गए उनकी साइकिल भी बड़ी होती चली गई। अब आप सोच रहे होगे की साइकिल की उम्र कैसे बड़ सकती है। ये साइकिल बड़ी कैसे हो सकती है?

आज हम बात कर रहे हैं चंडीगढ़ के राजीव कुमार की, जिन्होंने अपने शहर को पहचान दिलाने के लिए 10.6 फिट की साइकिल बना दी। साइकिल की बदौलत इनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हो चुका है। बचपन से ही राजीव कुमार को साइकिल का काफी शौक रहा है।

राजीव कुमार की 10.6 फिट की साइकिल। जी हां सही सुना आपने..

Rajeev kumar,long cycle

राजीव कुमार का जन्म 10 सितंबर 1979 को चंडीगढ़ में हुआ। वो जब 10वीं क्लास में थे तो उन्होंने 5 फिट की साइकिल बनाई और कई लोगों का ध्यान इनकी तरफ पड़ा। फिर उन्होंने इसी 5 फिट की साइकिल को 14 फिट का बना दिया। जैसे ही चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने इन्हें रोड पर 14 फिट की साइकिल चलाते हुए देखा तो इनकी साइकिल रोड पर चलाने से मना कर दिया गया।

Rajeev kumar की बचपन से ही ख्वाहिश थी कि पॉल्यूशन को कम करने के लिए सभी लोग साइकिल चलाएं इसके लिए उन्होंने बाइक को त्याग कर साइकिल पर सवारी करना सही समझा

फिर राजीव ने 2003 में 9.6 फिट की साइकिल बनाई। उनकी बचपन से ही ख्वाहिश थी कि पॉल्यूशन को कम करने के लिए सभी लोग साइकिल चलाएं इसके लिए उन्होंने बाइक को त्याग कर साइकिल पर सवारी करना सही समझा। फिर उनके मन में लंबी साइकिल को लेते हुए रिकॉर्ड बनाने के सोचा। उन्होंने 10.6 फिट की साइकिल बनाई, उसी के तहत उनको 2 बार लिम्बा बुक ऑफ रिकॉर्ड का खिताब भी मिल चुका है।

राजीव कुमार को 10.6 फिट की साइकिल बनाने के लिए 2 साल का वक्त लगा, ये पूरी साइकिल उन्होंने स्टील से बनाई है। जैसे ही लिम्बा बुक में उनका नाम दर्ज हुआ तो उन्होंने अलग स्टाइल की साइकिल बनाना शुरू कर दिया। राजीव चंडीगढ़ में रहते हैं जहां साइकिल से ज्यादा कार चलती हैं। लेकिन वो आज भी चाहते हैं कि फिर साइकिल का चलन वापस आए, इसके लिए उन्होंने फिट और वातावरण साफ रखने के लिए रोड-रोड जाकर लोगो को समझाया।  उनके काम को देखते हुए लोगो उन्हे जॉनी नाम से पुकारे लगे। अब राजीव जी को जॉनी नाम से भी जाना जाता है।

लंबी साइकिल पर सवार होकर लिम्का बुक में अपना नाम दर्ज करवा चुके राजीव कुमार ‘जॉनी’ अब गिनिज बुक ऑफ द वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज करवाने वाले् है।बता दे की राजीव कुमार अपनी साइकिल से कई लंबे टूर मारे लगा चुके है आपनी इस साइकिल से। तो आपको इनकी साइकिल कैसी लगी हमे बताना ना भूले।  

Indian

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

Cat Cafe इंडिया का पहला बिल्लियों का कैफे

Thu Jul 4 , 2019
इंडिया का पहले कैट कैफे। यहां अकेले आएं या दोस्तों के साथ, लैपटॉप लेकर आएं या किताब, आपका सारा ध्यान यहां मौजूद बिल्लियां ले जाएंगी।
कैट कैफे.Cat Cafe,बिल्लियां,cat,mumbai,मुंबई,indianness