फ्रांस के राष्ट्रपति काफिले तक ‘Make in India’ की पहुंच

भारत.. हमारा देश कभी दुनिया के इकोनॉमी का 33 से 50 फीसद का हिस्सेदार रहा है। कारण सिर्फ एक कि, हमारे यहां तैयार की जाने वाली चीजें बेस्ट क्वालिटी की होती थी और लोगों को यह पसंद होता था। व्यापार के मामले में भारत का तब जवाब नहीं था। पूरी दुनिया इस देश से अपना संबंध बनाना चाहती थी। लेकिन वक्त बदला देश की अर्थव्यवस्था अर्श से फर्श पर भी आ गई। अंग्रेजों के दौर में भारत की इकोनॉमी की हालत क्या हुई यह सबको पता है। लेकिन वो कहते हैं ना कि, कुछ बात है हममे की हस्ती मिटती नहीं हमारी।

Peugeot E-Ludix

Peugeot E-Ludix: आनंद महिंद्रा ने दी है यह जानकारी

कुछ साल पहले ‘मेंक इन इंडिया’ प्रोग्राम शुरू हुआ था। मकसद था कि दुनिया में भारत की बनी चीजों को पहुंचाना। बिना शोर—शराबे के इस मुहिम का जलवा पूरी दुनिया में दिखने लगा है। ऑस्ट्रेलिया में इंडियन मैट्रों, श्रीलंका में वल्र्ड क्लास ट्रेन के बाद अब एक और तस्वीर सामने आई है। फ्रांस के राष्ट्रपति के काफिले में ‘मेक इन इंडिया’ इलेक्ट्रिक स्कूटर की झलक पूरी दुनिया ने देखी है। हाल ही में इन स्कूटरों को इस काफिले का हिस्सा बनाया गया है। इस बारे में खुद जानकारी महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने ट्वीट करके दी है। उन्होंने इन Peugeot Motorcycles (PMTC) के अधिग्रहण के दो दिन बाद अपना यह ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है कि, भारत में निर्माण Peugeot e-Ludix इलेक्ट्रिक स्कूटर को फ्रांस के राष्ट्रपति की फ्लीट में शामिल किया गया है।

आपको बता दें कि, फ्रांस के राष्ट्रपति के काफिले में शामिल Peugeot e-Ludix इलेक्ट्रिक स्कूटर को भारत से एक्सपोर्ट किया गया है। वहीं यह पहली बार हुआ है जब फ्रांस के राष्ट्रपति के काफिले में किसी इलेक्ट्रीक स्कूटर को शामिल किया गया है। यानी मेक इन इंडिया टैग वाला ये पहला इलेक्ट्रीक स्कूटर है जिसे इस काफिले का हिस्सा बनाया गया है। महिंद्रा एंड महिंद्रा सब्सिडियरी ने जनवरी 2015 में प्यूजो मोटरसाइकिल का 51 फीसदी स्टेक खरीदा था और अब घोषणा की है कि कंपनी करीब 110 करोड़ रुपये का निवेश करेगी.

Peugeot E-Ludix: खासियत भी जान लीजिए

अब जब इस स्कूटर को काफिले में शामिल किया ही गया है तो जरूर इसकी कुछ खासियतें होगी जिसके कारण इसे यह जगह मिली होगी। तो बता दें कि, प्यूजो ई-लुडिक्स इलेक्ट्रिक स्कूटर का निर्माण मध्य प्रदेश के पीथमपुर महिंद्रा प्लांट में किया गया है और अभी भी जारी है। इसमें 3kW का इलेक्ट्रिक मोटर लगा है। जबकि इस स्कूटर का वजन करीब 85 किलो है। वहीं यह स्कूटर अधिकतम 45 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ सकती है। इसमें रिमूवेबल लीथियम ऑयन बैटरी भी लगी है जो कि तीन घंटे में पूरी तरह से चार्ज हो जाती है। इसमें लगी बैटरी की खासियत यह है कि यह रिमूवेबल बैटरी है, यानी इसे स्कूटर से निकालकर चार्ज किया जा सकता है। एक बार फुल चार्ज हो जाने पर यह स्कूटर 50 किलोमीटर तक चलता है।

इलेक्ट्रीक व्हीकल्स आज के दौर में एक बड़ा मार्केट है। दुनिया पॉल्युशन फ्री व्हीकल्स की ओर बढ़ रही है। ऐसे में भारत के पास अपने देश के साथ ही दुनिया के देशों में भी अपनी बेस्ट क्वालिटी के प्रोडक्टस बेचने का मौका है। फ्रांस के राष्ट्रपति के काफिले में भारतीय मेड इलेक्ट्रिक स्कूटर का शामिल होना हमारे लिए एक ठप्पे की तरह है कि, ‘ इंडियन प्रोडक्ट्स आर बेस्ट’।

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