नैप नैप मैट – जिसपर नवजात बच्चों को मिलती है सुकून वाली नींद, बीमारियों से भी बचाता है

मां…., ये शब्द नहीं पूरा वाक्य है, बस दो अक्षरों का ये शब्द अपने आप में एक बड़े से एहसास की व्याख्या कर देता है। किसी भी महिला के लिए मां बनना या गर्भ धारण करना ही एक अलग एहसास है। यह जिंदगी का एक नया आयाम होता है। अगर आपके शहर में कोई महिला गर्भवती है तो आप इस बात से भली भांति परिचित होंगे कि उनका ख्याल अच्छे से रखने के लिए क्या-क्या जतन करने होते हैं। इस दौरान एक अच्छी नींद मां और बच्चे दोनों के लिए बहुत ही जरूरी होती है। गर्भ के दौरान और बच्चे के होने के बाद दोनों समय नींद बहुत जरूरी है। आम तौर पर नवजात बच्चे की नींद किसी न किसी कारण खुल जाती है। इसका एक बड़ा कारण होता है वो तख्ता या गद्दा जिसपर बच्चा या गर्भवती महिला सोती है।

मार्केट में कई तरह के ऐसे बेबी मैटरेस आते हैं, लेकिन हाल ही में देश के कुछ युवाओं ने इसी को लेकर एक स्टार्टअप शुरू किया है। ये स्टार्टअप जच्चा और बच्चा दोनों के लिए एक सुकून वाली नींद का बंदोबस्त करता है। ये स्टार्टअप एक अलग और इनोवेटिव बेड के जरिए ये सुविधा लोगों तक पहुंचा रहा है। इससे पहले आपको इसके बारे में और ज्यादा बताएं पहले आप नाम जान लीजिए, गर्भवती महिला और बच्चों की अच्छी नींद की गारंटी देने वाले इस स्टार्टअप का नाम है नैप नैप।

कैसे शुरू हुआ ये स्टार्टअप नैप नैप

नैप नैप मैट

साल 2017 में नैप नैप मैट्रेस स्टार्टअप समीर अग्रवाल, स्वप्निल राव, अनीशा पिल्लई और दीपक गुप्ता ने शुरू किया था। यह एक एंड टू एंड कंज्यूमर प्रोडक्ट कंपनी है जो वर्ल्डवाइड मदर केयर और बेबी केयर पर फोकस है। इस कंपनी के फाउंडर्स की मानें तो इनका फ्लैगशिप प्रोडक्ट नैप नैप मैट एक प्रोटबल बेबी मैट्रेस है। ये मैट्रेस वाइब्रेशन और एक शांत शोर उत्पन करता है और बच्चे के लिए मां के गर्भ जैसा एक एन्वायरमेंट बनता है। जिससे बच्चे को तुरंत नींद आ जाती है।

ये बेड या मैट्रेस हार्वर्ड मेडिकल सेंटर और बेथ इज़राइल डेकोनेस मेडिकल सेंटर (बोस्टन, यूएसए) द्वारा किए गए क्लीनिकल ट्रायल के आधार पर बना है। नैप नैप मैट शिशु को सांस को नियमित बनाए रखने में मदद करता है और साथ हीं प्रीटर्म बच्चों में एपनिया का 50 प्रतिशत तक इलाज भी कर देता है।

कंपनी के फाउंडर और को फाउंडर समीर और दीपक को मार्केटिंग और इंजीनियरिंग में 12 साल का अनुभव है। वहीं अनीशा को भी इंजीनियरिंग, और जनरल मैनेजमेंट में 8 साल का एक्सपीरिएंस है। नैप नैप मैट का आइडिया स्वप्निल और समीर को उस समय आया था जब उनके एक दोस्त को प्रिटर्म बच्चा हुआ था। बच्चे की तबीयत ठीक से नींद ने आने की वजह से खराब रहती थी।

समीर बताते हैं कि वो अपने दोस्त की मदद करना चाहते थे। ऐसे में एक इंजिनियर और एक प्रोडक्ट डिज़ाइनर होने के नाते मैंने इसपर अपने दोस्तो संग काम करना शुरू किया और एक महीने में नैप नैप मैट का प्रोटो टाइप तैयार कर लिया। बड़ी बात ये रही कि ये बहुत कारगर रहा और हमारे दोस्त के बच्चे को जल्द एक बेहतर नींद मिलने लगी। वे बताते हैं कि इसी तरह के कई और पॉजिटिव रिएक्शन हमें मिले और हमने नैप नैप मैट को लॉन्च कर दिया।

समीर की मानें उन्होंने अपने पहले एंप्लॉय को हायर करने से पहले मैट के प्रोटोटाइप को मार्केट में लॉन्च किया और देखते ही देखते ये लोकप्रिय हो गया। उसके बाद कुछ करने की जरूरत नहीं हुई। मार्केट में प्रोडक्ट को स्वीकार किया गया तो समीर और उनकी टीम को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी और काम आगे बढ़ता गया। आज इनकी कंपनी में 16 लोगों की टीम काम कर रही है।

नैप नैप मैट की क्या है खासियत

नैप नैप मैट

जब बच्चा मां के गर्भ में होता है तब वो मां के शरीर और उसमे होने वाले कम्पन की आवाज़ का आदि हो जाता है। लेकिन जैसे हीं वो गर्भ से बाहर आता है एक अलग परिवेश मिलने के कारण वो अचानक से हुआ ये बदलाव नहीं समझ पाता इसलिए रोता है। उसकी नींद वैसी नहीं होती जैसी मां के गर्भ में होती थी। ऐसे में उसे अच्छी नींद मिले इसके लिए उसी तरह का एक वातावरण देना जरूरी है।

ऐसे में बच्चे की अच्छी नींद के लिए नैप नैप मैट एक जादू की तरह है। यह मैट एक सुकून देने वाला वाइब्रेशन लयबद्ध तरीके से निकलता है और मां के गर्भ की तरह का एक पर्यावरण तैयार करता है। जिससे बच्चे को सांस लेने में दिक्कत नहीं होती और उसकी सांस नियमित हो जाती है। वहीं जब बिस्तर पर बच्चे के बगल में मां रहती है तो बच्चे को सुरक्षित महसूस होता है और उसे अच्छी और गहरी नींद आती है।

नैप नैप मैट 1 साल के बच्चों के लिए बहुत बढ़िया प्रोडक्ट है। स्टार्टअप दावा करता है कि यह मैट सांस लेने में सुधार करती है, नींद बढ़ाती है, बच्चों के रोने को कम करती है, पेट का दर्द कम करती है। इसके आलावा यात्रा के अनुकूल है, और सुरक्षित है। इसका उपयोग घुमक्कड़, कार की सीट, खटिया, गतिविधि मैट, बेसिनेट आदि में किया जा सकता है।

आज भारत में ऐसे बेबी स्लीपिंग मैट का एक बड़ा बाजार है। यह बाजार लगभग 10,000 करोड़ का है। और सबसे अच्छी बात यह है कि ये सारी कंपनियां बच्चों को बेहतर नींद देने के अपने टारगेट पर फोकस हैं। इसके लिए ये नित नई तकनीक का इस्तेमाल भी कर रही हैं। समीर की मानें तो नैप नैप मैट स्लीपिंग मैट्रेस के बाजार को स्मार्ट, इंटर-कनेक्टेड उत्पाद के जरिए एक नए तरीके से परिभाषित कर रहा है।

यह बता रहा है कि आनें वाले दौर में कैसे प्रौद्योगिकी और डेटा भविष्य में बच्चों के पालन-पोषण में मददगार हो सकते हैं। नैप नैप मैट भविष्य में पेरेंटिंग समस्या को हल करके के तकनीक का नेतृत्व कर रहा है। नैप नैप जैसी तकनीक भारत के हजारों भविष्य को एक स्वास्थ्य बनाने में मददगार होगा।

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