दादी हो तो ऐसी ! 77 साल की उम्र में शुरू किया फूड स्टार्टअप

कहते हैं ना कि प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज़ नहीं होती। 77 साल की दादी उर्मिला जमनादास आशेर ने ये साबित कर दिया है। दरअसल उर्मिला जी ने इस उम्र में अपना फूड बिजनेस शुरू किया है। वो अपनी छोटी सी दुकान ‘गुज्जू बेन ना नास्ता’ में स्वादिष्ट खाना बनाती हैं। दादी उर्मिला सिर्फ दुकान पर ही नहीं बल्कि ऑनलाइन भी अपना बनाया खाना डिलीवर करती हैं। वो लगभग 12 घंटे काम करती हैं। उनके बनाए चिप्स, अचार, कुकीज, खाखरा जैसे प्रोडक्ट मुंबई के बाहर भी भेजे जाते हैं। इस काम में उनकी मदद करते हैं उनके पोते हर्ष। दरअसल दादी उर्मिला के परिवार के सदस्यों की दुर्घटना में मौत हो गई। अब वो अपने पोते हर्ष के साथ रहती हैं। इसलिए उन्होंने अपने पोते हर्ष की मदद करने और अपने हुनर को लोगों तक पहुंचाने के लिए इस उम्र में अपना फ़ूड स्टार्टअप शुरू किया। सभी प्रोडक्ट की रेसिपीज बनाने का काम उर्मिला करती हैं। जबकि हर्ष मार्केटिंग और अकाउंटेंट का काम संभालते हैं। इस तरह ये दादी अपने हाथ से बनी बढ़िया रेसिपी ना सिर्फ लोगों तक पहुंचा रही हैं बल्कि इससे अच्छा मुनाफ़ा भी कमा रही हैं।

मगर ये सफलता की कहानी सुनने में जितनी अच्छी लग रही है ये उतनी ही उतार चढ़ाव वाली है। दरअसल उर्मिला जी के जीवन में उन्हें हर मोड़ पर संघर्ष मिले हैं, लेकिन उतनी ही मजबूती से उन्होंने इसका मुकाबला भी किया है। शादी के बाद से ही उनकी ज़िंदगी में मानों जैसे बुरे वक़्त ने दस्तक दे दी थी। उर्मिला जे अपनी शादीशुदा ज़िंदगी में खुश ही थीं के कुछ साल बाद एक एक्सीडेंट में उनकी ढाई साल की बेटी की मौत हो गई। उसके कुछ सालों बाद ब्रेन ट्यूमर की वजह से उनके बड़े बेटे की भी मौत हो गई। वो इस हादसे से उबर नहीं पाईं। आखिर एक माँ के लिए इससे ज़्यादा बुरा और क्या हो गया कि उसके दो बच्चे उसकी आँखों के सामने इस दुनिया से चले गए। फिर भी उन्होंने अपने आप को संभाला और अपने छोटे बेटे को और ज़्यादा चाहने लगीं और अपने दोनों बच्चों की छवि अपने छोटे बच्चे में देखने लगीं। मगर फिर एक दिन उनके छोटे बेटे की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई।

उर्मिला जी के ऊपर एक तो अपने तीनों बच्चों को खोने का दुःख ऊपर से आर्थिक तंगी का सामना भी उन्हें एक साथ ही करना पड़ा। पति प्राइवेट नौकरी करते थे। उनकी कमाई इतनी नहीं थी कि परिवार के खर्च चलाने के साथ-साथ दोनों पोते-पोती को अच्छी एजुकेशन दी जा सके। इधर उनके पोते हर्ष का भी एक्सीडेंट हो गया जिसकी वजह से उन्हें गंभीर चोट आई। कई दिनों तक हर्ष अस्पताल में रहे। उनका जमा जमाया बिजनेस भी ठप पड़ गया। एक्सीडेंट की वजह से उनका चेहरा भी थोड़ा बिगड़ गया जिसकी वजह से वो मानसिक तनाव में रहने लगे। ये सब उर्मिला जी से देखा नहीं गया। क्योंकि अब उनके परिवार में उन्हें और उनके पति को छोड़कर बस हर्ष ही बचे थे। ऐसे में वो हर्ष को इस तरह मानसिक अवसाद में जाता नहीं देख सकती थी। इसलिए उर्मिला ने आगे बढ़कर घर खर्च की जिम्मेदारी उठाई। क्योंकि वो हमेशा से खाना बनाने की शौकीन रहीं, हर तरह की गुजराती रेसिपीज वो बनाती थीं इसलिए उन्होंने सोचा कि क्यों ना वो इसी में अपना हाथ आजमाएं। कोरोना के चलते लॉकडाउन लगा था उसी दौरान हर्ष के मन में ख्याल आया कि क्यों न दादी के तैयार किए हुए अचार को दूसरे लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने दादी से बात की और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। फिर क्या था, एक के बाद एक कई लोगों के ऑर्डर्स आने लगे। हर्ष और उनकी दादी के लिए ये टर्निंग पॉइंट साबित हुआ और यहीं से उनके होममेड स्टार्टअप की शुरुआत हुई।

हर्ष बताते हैं कि जब डिमांड बढ़ने लगी तो उन्होंने प्रोडक्ट भी बढ़ा दिए। अचार के साथ-साथ सूखा और गर्म नाश्ता भी वो लोगों तक पहुंचाने लगे। कुछ महीने बाद उन्होंने अपनी एक दुकान खोली। यहां उर्मिला जी अपने बनाए सारे प्रोडक्ट रखते हैं। अब लोग दुकान से भी इनके प्रोडक्ट खरीदते हैं और ऑनलाइन भी सेल करते हैं। दादी के बनाए चिप्स, अचार, कुकीज, खाखरा जैसे प्रोडक्ट ऑनलाइन मुंबई के बाहर भी भेजते हैं। सभी प्रोडक्ट की रेसिपीज बनाने का काम उर्मिला करती हैं। जबकि हर्ष मार्केटिंग और अकाउंटेंट का काम संभालते हैं। इसके साथ ही उन्होंने दो महिलाओं और तीन लड़कों को अपनी मदद के लिए रखा है। उर्मिला की दोनों बहुएं भी उनके काम में हाथ बंटाती हैं। हैरानी की बात ये है कि खुद उर्मिला जी को दो बार हार्ट अटैक आ चुका है। मगर फिर भी वो घर पर आराम नहीं करती। उर्मिला कहती हैं कि मुझसे खाली नहीं बैठा जाता है। इसलिए मैं काम करती रहती हूं। इससे बच्चों को हिम्मत भी मिलती है। वाकई में उर्मिला उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा हैं जो छोटी छोटी बातों पर दुखी होकर अवसाद में चले जाते हैं या गलत कदम उठा लेते हैं।

Indian

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

साबुदाना रबड़ी : व्रत में खाने के लिए बढ़िया ऑप्शन

Sat Oct 9 , 2021
Share on Facebook Tweet it Pin it Email नवरात्रि पर बहुत से लोग पूरे 9 दिन व्रत रहते हैं। ऐसे में व्रत रहने वाले लोगों के लिए खाने के ऑप्शन कम हो जाते हैं। व्रत के खाने में इतना परहेज़ होता है कि लोग ये समझ ही नहीं पाते कि […]
sabudana rabdi