Daksh Udhhar Charitable Trust, कोरोना से जीत एक धेय

दुनिया में जहाँ कोरोना वायरस धीरे-धीरे अपने रफ्तार पर ब्रेक लगा रहा है. वहीं भारत में इन दिनों इस वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है. जिसके चलते न जाने अब तक कितने लोग जान गवां चुके हैं. साथ ही देशभर में कोरोना वायरस के मरीज़ों की संख्या इस समय 3 लाख के करीब पहुंच गई है.  जिसके हमा

हमारे देश में ऐसी अनेकों संस्थाऐं हैं जो पिछले तीन महीने से जारी लॉकडाउन, कोरोना वायरस, और यहाँ तक की मजदूरों के पलायन को लेकर मदद कर रहा है. ऐसे में हमने अनेकों लोगों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर देखी. न जानें कितने लोगों की वीडियो देखी. ऐसे भी न जानें कितने ही लोग और संस्थाऐं इस बीच हमारे सामने आई. जिन्होंने लोगों को इस भयावह बीमारी से लड़ना तो सिखाया है. साथ समाज में अपने जिम्मेदारी को समझते हुए अपना अहम योगदान निभाया और अभी भी निभा रहे हैं. आज जब देश में कोरोना वायरस तेजी से पांव पसार रहा है. वहीं इनकी जिम्मेदारी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. जोकि अनेकों संस्थाऐं और लोग हैं इसे निभा भी रहे हैं.

इन्हीं संस्थाओं में एक संस्था का नाम है “दक्ष उद्धार चैरिटेबल ट्रस्ट”. एक ऐसी संस्था जोकि पिछले तीन महीने से सोसायटी और लोकल कॉलोनियों में जाकर सेनिटाईज करने के साथ-साथ कोरोना वायरस से लोगों को जागरूक कर रहे हैं. जिस समय देशभर में लॉकडाउन था. उस समय ये संस्था मजदूरों को खाना खिलाने से लेकर उन्हें हर जरूरी सामान मुहैया करा रही थी.

Daksh Udhhar Charitable Trust

Daksh Udhhar Charitable Trust के फाउंडर पंकज दक्ष इस बारे में बताते हैं कि, “ये संस्था मैं अपने कुछ दोस्तों के साथ जब शुरू की थी. उस समय हमारा मकसद था कि, हम एक बेहतर समाज की नींव रखें. हम पूरे भारत में नहीं जा सकते. हाँ मगर हमारे आस-पास हम चीजें बेहतर कर सकते हैं. लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं दे सकते हैं. बच्चों को शिक्षित कर सकते हैं. यही वजह थी कि, हमने 2015 में इस ट्रस्ट की शुरूवात की थी.”

शिक्षित और स्वस्थ समाज बनाना है मकसद

Daksh Udhhar Charitable Trust

आज जहाँ हमारे समाज में कोरोना वायरस ने भारतीय चिकित्सा तंत्र की पोल खोल कर रख दी है. वहीं हमारे समाज में अभी भी न जानें कितने ही बच्चे हैं जो शिक्षा से वंचित हैं. इसी को ध्यान में रखकर शुरू हुई ये संस्था, पिछले पांच सालों में अपने आस-पास की कालोनीयों में स्वास्थ्य संबंधी कैंप लगाने के साथ-साथ स्लम एरिया के बच्चों को भी फ्री में लिखा पढ़ा रहे हैं.

जिसके लेकर पंकज दक्ष बताते हैं कि, “शुरुवात के समय में हमने अपने एक छोटे से ऑफिस में बच्चों को पढ़ाने की शुरूवता की, जहाँ बच्चों को कंप्यूटर लेकर हर जरूरी सुविधा और शिक्षा दी जाती थी. लेकिन धीरे-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ने लगी. फिर हमारी टीम ने निश्चय किया की. हम खुद स्लम एरिया के कैंप में जाकर बच्चों को पढ़ाएंगे. तब से हमारी पूरी टीम शास्त्री पार्क के बिहारी बिल्डिंग के आस पास मौजूद स्लम एरिया के बच्चों को पढ़ाते हैं.”

Slum Area के बच्चों को दिलाते हैं दाखिला

Daksh Udhhar Charitable Trust

पिछले पाँच सालों से दक्ष उद्धार चैरिटेबल ट्रस्ट जहाँ अपने आस पास कैंप लगाकर बड़े बुजुर्गों और बच्चों के लिए बेहतर स्वास्थय सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है. इसके साथ ही पर्यावरण को बेहतर करने के लिए भी ये ग्रुप पेड़ पौधें भी लगाने का काम करता है. साथ ही बच्चों से लेकर हर तबके के लोगों को जागरूक करता है. ताकि लोग पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें. और वो भी अपनी योगदान दें.

इसके साथ ही ग्रुप के एक अन्य सदस्य अजय नेगी की मानें तो वो कहते हैं कि, “आज भले ही दिल्ली सरकार ने स्कूलों के बेहतर सुविधाऐं दी हैं. लेकिन आज भी स्लम एरिया के बच्चों को स्कूल में दाखिला लेने में काफी समस्या आती है. जिससे कई बच्चे तो दाखिला ने मिलने की वजह से पढ़ नहीं पाते. लेकिन दक्ष उद्धार चैरिटेबल ट्रस्ट उन बच्चों की मदद करता है. ताकि उन्हें स्कूल में एडमिशन मिल सके. अब तक इस मुहिम के चलते हमारी संस्था ने सैकड़ों बच्चों का एडमिशन कराया है.”

इसके अलावा अजय नेगी बताते हैं कि, “हमारी टीम हर रविवार शास्त्री पार्क के स्लम एरिया में जाती है. जहाँ हम 3 घंटे उन्हें पढ़ाते हैं. आज हमारे पास 70 बच्चें हैं. जिन्हें हम शिक्षित कर रहे हैं. यही नहीं हम सभी इन बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ अलग-अलग तरह की प्रतियोगिता भी कराते हैं.”

Daksh Udhhar Charitable Trust

दैनिक जागरण कर चुका है दक्ष उद्धार चैरिटेबल ट्रस्ट को सम्मानित

आज देश में अनेकों संस्थाऐं ऐसी हैं. जिन्हें उनके काम और उनकी मेहनत के चलते लोग पहचानते हैं. उन्हीं संस्थाओं में से एक दक्ष उद्धार चैरिटेबल ट्रस्ट को हाल ही में शिक्षा के क्षेत्र में अपना अहम योगदान निभाने के चलते, सुशिक्षित समाज के पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

जिसको लेकर पंकज दक्ष कहते हैं कि, “ये सम्मान आज हमे जो दैनिक जागरण की तरफ से दिया गया है, उससे कहीं बड़ा सम्मान हमारे लिए ये है कि, हम हमारे समाज को बेहतर बनाने के लिए अपना समय उन बच्चों, बुजुर्गों और इस समाज को दे पा रहे हैं. लॉकडाउन में भी हमारी टीम काम कर रही है. हम इसी तरह आने वाले समय में भी काम करते रहेंगे.”

देश के बिगड़ते हालात के बीच इन संस्थाओं को कुछ गिने चुने लोगों के चलते ही समाज में एक बेहतर समाज मौजूद होने की बात है. यही हमारे देश की खासियत है और यही हमारी भारतीयता है.

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