काल भैरव के मंदिर में प्रसाद से हो रहा सैनिटाइजेशन

भारत में वैसे तो अनेकों धार्मिक स्थल हैं. जहाँ हर रोज हज़ारों की संख्या में भक्त अपनी श्रद्धा व पूजा अर्चना के लिए जाती हैं ताकि, उनकी मनोकामनाऐं पूरी हो सकें. इसी तरह धर्मधानी और मंदिरों के उज्जैन शहर में भी हमेशा हजारों की संख्या में काल भैरव के मंदिर में भीड़ लगी रहती है. लेकिन पिछले कुछ दिनों से चल रहे कोरोना काल और लॉकडाउन की वजह से मंदिर में जाना व किसी भी जगह एकत्रित होने पर पाबंदी लगा दी गई है. यही वजह है कि, इन दिनों हर तरफ सन्नाटा ही सन्नाटा पसरा हुआ है.

लेकिन लॉकडाउन के पहले तक काल भैरव के मंदिर आने वाले श्रद्धालू बाबा के मंदिर में मदिरा का भोग लगाते थे. जिसके चलते कई लीटर मदिरा का भोग हर लोग लगता था. मगर इन दिनों केवल प्रशासन की तरफ से दी जा रही मदिरा का ही भोग बाबा काल भैरव के मंदिर में लगाया जा रहा है. ऐसे में जहाँ हर रोज न जानें कितने ही लीटर मदिरा, मंदिर के गर्भगृह में चढ़ाई जा रही थी. साथ ही यही मदिरा वहाँ आने वाले भक्तों को प्रसाद के तौर पर दी जाती थी. लेकिन इन दिनों इन्हीं मदिरा से कालभैरव के मंदिर को सैनिटाईज करने का काम किया जा रहा है.

प्रसाद के लिए भक्त नहीं, इसलिए कर रहे सैनिटाइजेशन

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जैसा कि, सभी जानते हैं राजाधिराज भगवान महाकाल के सेनापति बाबा काल भैरव को हर रोज सुबह और शाम की आरती के वक्त मदिरापान कराया जाता था. वहीं अभी भी ये परंपरा उसी तरह निभाई जा रही है. हालांकि इन लॉकडाउन के चलते वहाँ उमड़ने वाली भीड़ नदारद है. इसलिए इन दिनों उन्हीं मदिरा और शराब के प्रसाद से पूरी मंदिर परांगण को सैनिटाइज किया जा रहा है. ताकि महामारी के इस काल में कोरोना को खत्म करने में आसानी मिल सके. साथ ही मंदिर परांगण पूरी तरफ कोरोना मुक्त हो सके. इसके लिए मंदिर में रहने वाले सेवक मदिरा में डेटॉल लिक्विड का भी इस्तेमाल कर रहे हैं.

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लॉकडाउन में प्रशासन दे रहा सहयोग

इसी तरह उज्जैन नगरी में ही सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक शहर के षडिवनायक मंदिर में भी इन दिनों लॉकडाउन के चलते भक्तों का मंदिर में आना मना है. यहां भी हर रोज अनेकों की संख्या में भक्तों का आना जाना होता था. उन्हीं भक्तों की तरफ से लाए जानें वाले मोतीचूर के लड्डू से यहाँ के भगवान चिंतामन को इसका भोग लगाया जाता था. लेकिन इन दिनों यहाँ भक्तों की भीड़ लॉकडाउन की वजह से नहीं आ रही है. ऐसे में मंदिर में इन दिनों हर सुबह शाम भगवान चिंतामन के भोग का बीड़ा यहाँ रहने वाले पुजारियों ने उठा रखा है. वो हर रोज अपने घरों से चूरमा, हलवा आदि तरह के प्रसाद चिंतामन भगवान को भोग लगा रहे हैं.

यहाँ रहने वाले पंडित शंकर पुजारी की मानें तो, उनका कहना है कि दिनों लॉकडाउन की वजह से सभी तरह की मिष्ठानों की दुकानें बंद हैं. इसलिए पुजारी परिवार की महिलाएं भगवान के भोग के लिए हर रोज अनेकों तरह का प्रसाद बना रही हैं. ताकि भगवान को भोग लगाया जा सके.

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