इस मंदिर में प्रवेश के लिए पुरूषों को करना पड़ता है 16 श्रृंगार

भारत.. एक ऐसा देश जहां ना तो रीति-रिवाजों की कमी है, और ना ही परंपराओं के नाम पर अंधविश्वास की। धर्म को लेकर हमारे देश में कई तरह के प्रतिबंध भी हैं। हमारे ही देश में बहुत से ऐसे मंदिर हैं जहां पर महिलाओं के जाने पर रोक हैं। जिनमें से सबसे मशहूर सबरीमाला मंदिर के बारे में तो शायद आप जानते ही होंगे, हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अब इस पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है..

मगर इसके बावजूद भी इस मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर अटकलें बरकरार हैं। खैर ये कोई अकेला ऐसा मंदिर नहीं है, जहां महिलाओं के प्रवेश के लिए इतना बवाल है, इसके अलावा भी हमारे देश में कई ऐसे मंदिर है जहां पर महिलाओं का जाना बिल्कुल मना है, जिनमें हरियाणा का कार्तिकेय मंदिर, महाराष्ट्र का घटई देवी, और छत्तीसगढ़ का मावली माता मंदिर जैसे और भी कई मंदिर शामिल हैं।

Kottankulangara Devi Temple

Kottankulangara Devi Temple- जहां पुरूष पहनते है जनाने कपड़ें

मगर आपको जानकर हैरानी होगी, कि इसी देश में एक मंदिर ऐसा भी है जहां प्रवेश लेने के लिए पुरूषों को पूरा 16 श्रृंगार करना पड़ता है। महिलाओं के कपड़े पहनकर खुदकों सजाना पड़ता हैं, और ये सब करने के बाद ही पुरूषों को इस मंदिर में प्रवेश मिलता है। आपको बता दें कि, ये मंदिर केरल के कोल्लम जिले में स्थित हैं। जहां पर हर साल श्री कोत्तानकुलांगरा देवी मंदिर में चाम्याविलक्कू त्योहार मनाया जाता है।

और इस त्योहार में हर साल हजारों की संख्या में पुरूष श्रद्धालू आते हैं। ये त्योहार इतना खास इसलिए हैं क्योंकि, यहां पर आने वाले पुरूषों को पूरी तरह से महिलाओं के वेश में तैयार किया जाता है। उनके लिए मंदिर में अलग से मेकरूम भी बनाया जाता है। यहां आए श्रद्धालू पुरूष ना सिर्फ औरतों की तरह साडी पहनते हैं बल्कि बालों में गजरा, मेकअप, और गहनों के साथ खुदकों पूरी तरह महिलाओं की ही तरह तैयार करते हैं। इस त्योहार में शामिल होने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं है।

Kottankulangara Devi Temple

Kottankulangara Devi Temple का पूरा इतिहास

दरअसल, इसके इतिहास को लेकर एक नहीं बल्कि कई अलग-अलग मान्यताएं हैं। जिनमें से एक मान्यता ये है कि, कुछ चरवाहों ने महिलाओं के कपड़े पहनकर पत्थर पर फूल चढ़ाए थे। जिसके बाद उस पत्थर से कोई दिव्य शक्ति प्रकट हुई और इसी के बाद यहां पर मंदिर बनवा दिया गया। तो वहीं कई लोगों को कहना है कि, कुछ लोग पत्‍थर पर नारियल फोड़ रहे थे और इसी दौरान पत्‍थर से खून निकलने लगा जिसके बाद से यहां देवी की पूजा होने लगी, और इस मंदिर की स्थापना कर दी गई।

मगर खास बात तो ये है कि, पूरी दुनिया में अपनी इस खास परंपरा के लिए मशहूर मंदिर के ऊपर कोई छत नहीं हैं। और तो और ये केरल का इकलौता ऐसा मंदिर है, जो बना गर्भगृह या कलश के बना हुआ है।

खैर ये तो रही केरल के श्री कोत्तानकुलांगरा देवी मंदिर की बात, मगर हमारे देश में कई ऐसे अनोखे मंदिर है जो अपनी अलग और कुछ अनूठी मान्यताओं के लिए जाने जाते हैं। भारत का हर कोना अपने आप में ही कुछ खास मान्यताओं के साथ रहता है। अगर जानना चाहेंगे तो आपको यहां की हर एक जगह में, हर एक रीति-रिवाज में हर एक इंसान में कुछ ना कुछ अलग और अनूठा जरूर देखने को मिलेगा।

इसी तरह हमारे देश से जुड़ी कई और खास और अनूठी परंपराओं के बारे में जानने के लिए आप हमारे वेबसाइट hindi.theindianness.com पर जाकर पढ़ सकते है।

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