आदर्श गांव की पहचना बना पुंसारी गांव

गांव ये एक ऐसा शब्द है जिसको सुनकर हमारे दिमाग मे एक तस्वीर बन जाती है तस्वीर उस गांव की जिसमे पानी बिजली सड़क जैसी परेशानी होती है। ये परेशानी हमारे आपके गांव मे भी पक्का होती होगी। लेकिन हमारे ही देश का एक गांव ऐसा भी हैं जहां ना तो बिजली की कमी है और ना ही पानी की, सारी सुविधाओं से परिपूर्ण इस गांव का नाम है पुंसारी..

इस गांव को आदर्श गांव भी कहा जाता है, आदर्श इसलिए क्योंकि इस गांव में वाई-फाई है, बिजली है, अच्छी सड़के है, सरकारी स्कूल है जो बिल्कुल प्राइवेट स्कूलों की ही तरह लगते हैं, इस गांव की सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। यानि की वो हर सुविधा जिसका लुत्फ हर शहरी नागरिक उठाता हैं उन सभी सुविधाओं का आनंद यहां के गांववासी खूब आराम से ले रहे हैं। ये गांव अच्छे-अच्छे शहरों को भी मात दे रहा है।

Punsari Village – हिमांशुभाई ने बदली सरपंच बनने के बाद गांव की तस्वीर

करीब 6,000 लोगों की आबादी वाला पुंसारी गाँव गुजरात के साबरकांठा जिले में बसा हुआ हैं और आज देश के करीब 6 लाख गाँवों का रोल मॉडल भी बन चुका है। जहां साल 2006 तक इस गांव में कुछ भी नहीं था। आम गांव की तरह पुंसारी गांव में भी ना तो बिजली थी, और ना ही कोई और सुविधा। लेकिन साल 2006 में जब हिमांशुभाई नरेंद्र पटेल को गांव का सरपंच बनाया गया, तब तो जैसे उन्होंने इस गांव की पूरी तस्वीर ही बदल दी। दरअसल, चरनोई की भूमि बेचकर उन्हें जो पैसा मिला,  उस पैसे से उन्होंने अपना विकास करने की बजाय गांव का विकास करने का प्रण लिया और आखिर मे आकर उन्होंने गांव को पूरी तहर बदल कर रख दिया और पुंसारी गांव को बना दिया आदर्श गांव।

जानकारी के अनुसार, अब इस गांव मे पांच स्कूल हैं सभी स्कूलों में एसी और सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। गांव हो या शहर अक्सर चोरी जैसे मामले हमारे सामने आते रहते हैं। साथ ही, गांव मे पक्की सड़के हैं, और इतना ही नहीं, दूध लाने ले जाने वाली महिलाओं के लिए अटल एक्सप्रेस नाम की बस सेवा भी है। पूरे गांव में वाई-फाई, 120 स्पीकर भी लगे हुए हैं। ये स्पीकर इसलिए लगाए गए हैं ताकि अगर कभी सरपंच को कई घोषणा करनी हो या फिर भजन-कीर्तन का आयोजन हो तो वो इसके जरिए पूरे गांव मे बता सकते हैं।

Punsari Village – सुविधाओं के साथ बदली गांव के लोगों की सोच

साथ ही, बच्चों का रिजल्ट भी इसी पर घोषित होता है। इस गांव मे साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। रोजना सुबह पंचायतकर्मी घर-घर जाकर कचरा बंटोरते हैं और कचरा फेंकने के लिए भी गांव के बाहर इंतजाम किए गए है। पुंसारी गांव की पंचायत पूरी तरह से कम्प्यूटराइज्ड है। गांव के लोगों को इंटरनेट की सुविधा मिलती रहे इसके लिए पंचायत ने एक निजी कंपनी से वाई-फाई की सुविधा ले रखी है।

इतना ही नहीं, युवा समय के साथ कदम मिला सकें, इस बात को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट के उपयोग के लिए सिर्फ 10 रुपए का रजिस्ट्रेशन चार्ज रखा गया है। इस गांव को आर्दश गांव का इनाम भी मिल चुका है। लेकिन सिर्फ इस गांव की सुविधाएं ही नहीं बदली है बल्कि यहां के लोगो की सोच भी बदल चुकी है। हालांकि, आज के समय में जहां एक तरफ गुजरात का पुंसारी गांव एक आदर्श गांव की छवि लेकर उभरा हैं, तो वहीं दूसरी तरफ ये गांव देशभर के सभी गांवों के सामने एक मिसाल बनकर भी सामने आया है।

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